जीडीए में जल्द शुरू होगी इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क: एक ही जगह मिलेगा हर समाधान, तैनात रहेंगे प्रशिक्षित कर्मचारी

गोरखपुर|2 घंटे पहले
एक ही जगह मिलेगा हर समाधान, तैनात रहेंगे प्रशिक्षित कर्मचारी

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में आने वाले लोगों को अब अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की तर्ज पर जीडीए परिसर में जल्द इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। जहां मानचित्र, शमन, अवैध निर्माण, संपत्ति, भुगतान और अन्य प्राधिकरण संबंधी मामलों की जानकारी एवं मार्गदर्शन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने अधिकारियों को इस व्यवस्था को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

प्राधिकरण परिसर में प्रवेश करते ही हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। इसके लिए अलग कक्ष तैयार किया जाएगा या उपलब्ध कक्ष का उपयोग किया जाएगा। यहां कंप्यूटर प्रणाली के साथ कर्मचारियों और दो अवर अभियंताओं की तैनाती होगी। हेल्प डेस्क पर मौजूद कर्मचारी सभी विभागों के कार्यों की जानकारी से अपडेट रहेंगे और आवेदकों को उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक जानकारी देंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी या शाखा तक भी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

शमन मानचित्र संबंधी आवेदकों को मिलेगी बड़ी राहत

हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद गोरखपुर में भी कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और लाइब्रेरी की जांच कर उन्हें शमन मानचित्र के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अब ऐसे संचालकों और भवन स्वामियों को हेल्प डेस्क के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और तकनीकी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। वर्तमान में 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जा चुके हैं। निर्धारित समय में शमन मानचित्र स्वीकृत कराने और भवनों की कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन नहीं करने पर अब तक सात कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील किए जा चुके हैं। वहीं, जांच और कार्रवाई का अभियान जारी है।

कार्यालय व्यवस्था भी होगी अधिक पारदर्शी

प्राधिकरण का मानना है कि हेल्प डेस्क शुरू होने से लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी जानकारी मिलेगी। साथ ही कार्यालय में बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और शमन मानचित्र की प्रक्रिया भी तेज होगी। अधिकारियों का कहना है कि भवनों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियमित कराने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।

नव्य जागरण

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