गोरखपुर-बस्ती मंडल में बदलेंगे लाखों स्मार्ट मीटर: प्रीपेड सिस्टम हटाकर शुरू हुई पोस्टपेड प्रक्रिया, रिचार्ज झंझट से मिलेगी राहत

गोरखपुर और बस्ती मंडल के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली। सरकार ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। अब प्रीपेड मीटर पोस्टपेड मोड में बदले जाएंगे। दोनों मंडलों के सात जिलों में प्रक्रिया शुरू हुई। कुल सात लाख 28 हजार 763 मीटर बदले जाएंगे। लंबे समय से उपभोक्ता शिकायत कर रहे थे। रिचार्ज सिस्टम को लेकर भारी नाराजगी थी। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। अब सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया। बिजली विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ा बदलाव दिखेगा। उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज नहीं करना पड़ेगा। बिजली कटने की परेशानी भी कम होगी। पोस्टपेड सिस्टम में बाद में बिल जमा होगा। समय से भुगतान नहीं होने पर कार्रवाई होगी। बिजली बिल जमा करने के बाद कनेक्शन जुड़ जाएगा। विभाग ने इसे ऑटो मोड व्यवस्था बताया। पुराने मीटर हटाने का काम जारी रहेगा। अब नए मीटर पोस्टपेड मोड में चलेंगे। उपभोक्ताओं को राहत देने पर जोर दिया गया। विभाग ने तकनीकी सुधार की भी बात कही।
सितंबर 2025 से शुरू हुआ था सिस्टम
सितंबर 2025 में प्रीपेड व्यवस्था लागू की गई थी। उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश भेजे गए थे। उन्हें रिचार्ज प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुराने बकाये को किस्तों में जोड़ा गया। उपभोक्ता जब रिचार्ज करते थे। उसी रकम से पुराना बिल भी कटता था। कई लोगों को इसकी सही जानकारी नहीं मिली। धीरे-धीरे शिकायतें बढ़ने लगीं। उपभोक्ताओं ने गलत बकाया दिखने का आरोप लगाया। एप में सही डाटा नहीं दिख रहा था। इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी बढ़ी।
तकनीकी खामियों से बढ़ी परेशानी
उपभोक्ताओं ने स्मार्ट एप पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि भुगतान के बाद भी बकाया दिखता। कई बार अचानक बिजली कट जाती थी। एंड्रॉयड फोन नहीं रखने वाले ज्यादा परेशान थे। उन्हें मीटर की स्थिति समझ नहीं आती थी। सहजनवा इलाके में महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। गंगटही उपकेंद्र क्षेत्र में मीटर उखाड़े गए। कई जिलों में लगातार विरोध देखने को मिला। तारामंडल क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने भी शिकायत की। लोगों ने अधिक यूनिट दिखने का आरोप लगाया। इससे बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे।
अब नए कनेक्शन पर भी बदल सकती व्यवस्था
18 अप्रैल को प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगी। तकनीकी खामियों की जांच शुरू की गई। रोक लगने से पहले लाखों मीटर लगाए जा चुके थे। दोनों मंडलों में अभी और मीटर लगने बाकी हैं। फिलहाल पुराने मीटर हटाने का काम जारी रहेगा। नए कनेक्शन पर अभी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि माना जा रहा कि व्यवस्था बदलेगी। भविष्य में पोस्टपेड मीटर ही लगाए जा सकते हैं। विभाग ने कनेक्शन काटने पर रोक लगाई है। अब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बिजली व्यवस्था को सरल बनाने की तैयारी चल रही है।
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