लालडिग्गी पार्क सुंदरीकरण में तोड़ दी पुरानी संरचनाएं: पार्षद व कांग्रेस पदाधिकारियों ने लगाए गंभीर आरोप, मामले की जांच में जुटा नगर निगम

शहर के लालडिग्गी पार्क में चल रहे सुंदरीकरण कार्य को लेकर विवाद शुरु हो गया है। आरोप है कि पार्क में पहले से बनी और ठीक हालत में मौजूद कई संरचनाओं को बिना जरुरत के तोड़ दिया गया। ये संरचनाएं करीब पांच साल पहले हुए एक अन्य सुंदरीकरण प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई थीं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गजीबो, रेलिंग और कुछ दीवारों को तोड़ा गया, जबकि उन्हें बचाया जा सकता था। इतना ही नहीं, पार्क से हटाई गई कुछ कीमती सामग्री के गायब होने की भी चर्चा है। कबाड़ के निस्तारण में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर क्षेत्र के पार्षद और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
नगर निगम की टीम ने किया पार्क का निरीक्षण
शिकायत मिलने के बाद बुधवार को नगर निगम की टीम ने पार्क का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि जिन संरचनाओं को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे, उन्हें ही तोड़ा जा रहा था। पहले ही साफ कहा गया था कि पार्क से हटाई जाने वाली सामग्री और उपकरणों की सूची नगर निगम को सौंपी जाए और उन्हें सुरक्षित रखा जाए। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
परियोजना प्रबंधक को जारी हुई नोटिस
जांच में यह भी सामने आया कि हटाए गए गजीबो और रेलिंग जैसी सामग्री का इस्तेमाल सटरिंग के लिए किया जा रहा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए गोरखपुर नगर निगम के अधिशासी अभियंता अशोक भाटी ने यूनिट-19, सीएंडडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम के परियोजना प्रबंधक को नोटिस जारी कर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि पार्क में पूर्व में कराए गए कार्यों का कुछ भुगतान अभी लंबित है, इसलिए मौजूदा ढांचों को नुकसान न पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। चेतावनी दी गई है कि यदि आदेशों का पालन नहीं हुआ तो क्षतिग्रस्त सामग्री की भरपाई संबंधित परियोजना की धनराशि से की जाएगी।
पूरे मामले की होगी जांच
उधर, पहले सुंदरीकरण का काम कर चुकी फर्म एके एसोसिएट्स ने भी भुगतान को लेकर नगर निगम के अवर अभियंता और अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले ने पार्क के सुंदरीकरण कार्य को विवादों के घेरे में ला दिया है। नगर निगम का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे प्रकरण की जांच करा
ई जाएगी।
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