नेपाल चुनाव को लेकर अलर्ट है बार्डर जिलों की पुलिस: संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों पर रख रही पैनी नजर, एक हफ्ते में 619 वाहनों का चालान

नेपाल में होने वाले संसदीय चुनाव और होली के त्योहार को देखते हुए पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर सख्ती बढ़ा दी है। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने इस संबंध में सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है। एडीजी ने संदिग्ध व्यक्तियों के साथ ही वाहनों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। एडीजी का निर्देश मिलने के बाद सीमावर्ती जिलों की पुलिस ने भी चौकसी बरतना शुरु कर दिया है।
बीते एक हफ्ते में विभिन्न जिलों की पुलिस ने 2686 व्यक्तियों की तलाशी लेने के साथ ही 2001 वाहनों की भी जांच की। इस दौरान 619 वाहनों का चालान व छह वाहन सीज करते हुए 533500 रुपये जुर्माना वसूला गया। दरअसल, पांच मार्च को नेपाल में संसदीय चुनाव होने हैं। बीते साल नेपाल में हुए आंदोलन के बाद हालात काफी बिगड़ गए थे। हालांकि भारतीय जिलों में इसका कोई असर नहीं पड़ा था लेकिन इसबार पुलिस इसे लेकर काफी अलर्ट है। वहीं, चार मार्च को होली का त्योहार भी है जिसमें बार्डर पर रहने वाले लोग दोनों ओर सेलिब्रेट करने पहुंचते हैं।

579 किलोमीटर लगी है नेपाल की सीमा
गोरखपुर जोन के विभिन्न जिलों की सीमा नेपाल से लगी हुई है। इसमें महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती शामिल हैं। वहीं, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिले भी नेपाल बार्डर से सटे हुए हैं। इन जिलों की कुल 579 किलोमीटर की सीमा नेपाल से लगती है। इसमें महराजगंज के सोनौली और बहराइच जिले के रूपईडीहा में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
अलर्ट के पीछे यह भी है कारण
भारत-नेपाल की बार्डर पर सख्ती करने की असल वजह यहां तस्करों और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना भी है। दरअसल, तस्कर यहां की खुली सीमा का फायदा उठाकर विभिन्न तरह के नशा करने वाले पदार्थों की तस्करी करते हैं। अक्सर नेपाल से लड़कियों को भी विभिन्न अवैध गतिविधियों के लिए भारत लाया जाता है। वहीं, यूपी, बिहार व देश के अन्य राज्यों में क्राइम करने के बाद अपराधियों के छिपने का सबसे मुफीद ठिकाना भी नेपाल होता है। ऐसे में पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ बार्डर की निगरानी कर रही है ताकि इन गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।

बिहार बार्डर पर भी सख्ती
होली के त्योहार को देखते हुए बिहार बार्डर से सटें जिलों की पुलिस भी अलर्ट हो गई है। इसमें विशेष तौर पर देवरिया व कुशीनगर के बार्डर पर सर्तकता बरती जा रही है। इन सीमाओं पर सबसे ज्यादा शराब तस्करी के केस पकड़े जाते हैं। यहां से गुजरने वाले सभी वाहनों पर पुलिस पैनी नजर रख रही है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










