DDU यूनिवर्सिटी में पेपर कांड: पांच दिन बाद होने वाला BA.LLB एग्जाम पहले ही बंटा, ‘रिफ्यूजी लॉ’ के पैकेट से निकला दूसरे सब्जेक्ट का पेपर

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार को परीक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। BA.LLB 10वें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान ऐसा पेपर छात्रों में बांट दिया गया, जिसकी परीक्षा अभी पांच दिन बाद होनी थी। जैसे ही छात्रों ने प्रश्नपत्र खोला, परीक्षा कक्षों में हड़कंप मच गया। जिस ‘इंटरनेशनल रिफ्यूजी लॉ’ विषय की परीक्षा होनी थी, उसकी जगह ‘लॉ ऑफ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस’ का पेपर निकल आया। यह वही विषय था, जिसकी परीक्षा 11 मई को निर्धारित थी।
मामला सामने आते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में परीक्षा रुकवाई गई। छात्रों से प्रश्नपत्र वापस लिए गए। इसके बाद पूरे एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया। इस गड़बड़ी से करीब 400 छात्र प्रभावित हुए, जिन्हें बिना परीक्षा दिए वापस लौटना पड़ा। अब यूनिवर्सिटी इस मामले की जांच कराने की बात कह रही है।
परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी
बुधवार दोपहर दो बजे से पांच बजे तक BA.LLB 10वें सेमेस्टर के ‘इंटरनेशनल रिफ्यूजी लॉ’ विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए तीन सेंटर बनाए गए थे। इनमें विश्वविद्यालय परिसर के अलावा सेंट एंड्रयूज कॉलेज और नेशनल पीजी कॉलेज शामिल थे। परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही छात्रों को शक हुआ कि प्रश्नपत्र गलत है। जब उन्होंने सवाल पढ़े तो पता चला कि यह किसी दूसरे विषय का पेपर है। इसके बाद छात्रों ने तुरंत कक्ष निरीक्षकों से शिकायत की। धीरे-धीरे मामला सभी केंद्रों तक पहुंच गया और वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। छात्रों का कहना था कि इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी में इस तरह की गलती बेहद गंभीर है। कई छात्र लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की वजह से उनका पूरा दिन खराब हो गया।
पैकेट पर सही नाम, अंदर दूसरा पेपर
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रश्नपत्र के पैकेट पर सबकुछ सही लिखा था। विषय का नाम भी वही था, कोड भी सही था। लेकिन जब पैकेट खोला गया तो अंदर दूसरे विषय का प्रश्नपत्र निकला। यही वजह है कि अब यूनिवर्सिटी प्रशासन खुद उलझन में है कि आखिर गलती कहां हुई। शुरुआती जांच में दो संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली, मॉडरेशन या पेपर सेटिंग के दौरान गलत फाइल पैक हो गई हो। दूसरी, प्रिंटिंग और पैकेजिंग के समय विषय बदल गया हो। यूनिवर्सिटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मानवीय भूल थी या फिर किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई है।
400 छात्रों की बढ़ी चिंता
इस गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा है। करीब 400 छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। लेकिन पेपर कैंसिल होने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। अब छात्र नई परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे हैं। कई छात्रों ने कहा कि लगातार बदलते एग्जाम शेड्यूल और ऐसी घटनाओं से मानसिक दबाव बढ़ रहा है। कुछ छात्र बाहर के जिलों से परीक्षा देने आए थे। उन्हें आर्थिक और समय दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित कर दी जाएगी। साथ ही जिस विषय का पेपर गलती से बंट गया, उसे अब नए सिरे से तैयार कराया जाएगा ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे।
कुलपति ने दिए जांच के आदेश
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह चूक किस स्तर पर हुई, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल छह मई की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अगले एक-दो दिनों में नई परीक्षा तिथि जारी कर दी जाएगी। साथ ही प्रश्नपत्र को नए सिरे से तैयार कराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी तरह की गोपनीयता भंग न हो।
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