गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच PGT परीक्षा शुरू: जूते-चप्पल उतरवाकर हुई एंट्री, AI कैमरों से निगरानी

गोरखपुर|09 मई 2026
जूते-चप्पल उतरवाकर हुई एंट्री, AI कैमरों से निगरानी

जिले में उत्तर प्रदेश प्रवक्ता (PGT) भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर भारी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद हाईटेक और सख्त रखी गई है। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों से जूते-चप्पल तक उतरवाए गए। इसके बाद उनकी सघन तलाशी ली गई। एडमिट कार्ड, फोटो पहचान पत्र और चेहरे का मिलान करने के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा दो दिन तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

फर्स्ट शिफ्ट की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह सात बजे से शुरू हुई। केंद्रों पर सुरक्षा जांच के चलते काफी सतर्कता दिखाई गई। एंट्री सुबह 8:45 बजे तक चली। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से होगी। दूसरी पाली के लिए एंट्री दोपहर 12 बजे से 1:45 बजे तक होगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते दिखे। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहर ही जमा करानी पड़ी। परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।

पहले दिन 15 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल

पहले दिन की फर्स्ट शिफ्ट में 7931 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। वहीं सेकेंड शिफ्ट में 7102 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। दूसरे दिन फर्स्ट शिफ्ट में 6945 और सेकेंड शिफ्ट में 11257 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस तरह दो दिनों में हजारों छात्र परीक्षा में हिस्सा लेंगे। प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को संभालना चुनौती बना हुआ है। परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि ट्रैफिक और भीड़ को कंट्रोल किया जा सके।

हर सेंटर पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात

परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए हर केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इनके जिम्मे पूरे परीक्षा केंद्र की निगरानी रहेगी। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र व्यवस्थापकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान सभी नियमों का पालन कराया जाए। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर भी खास नजर रखी जा रही है।

स्टाफ के मोबाइल भी जमा कराए गए

इस बार सिर्फ अभ्यर्थियों पर ही नहीं बल्कि परीक्षा ड्यूटी में लगे स्टाफ पर भी सख्ती दिखाई गई है। परीक्षा केंद्रों पर मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जमा कराए गए। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। उत्तर प्रदेश में 624 पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा 17 जिलों के 319 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है।

AI कैमरों से हो रही लाइव मॉनिटरिंग

आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को AI आधारित CCTV कैमरों से लैस किया गया है। इन कैमरों को सीधे प्रयागराज स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। AI तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा रही है। आयोग का दावा है कि इस तकनीक से नकल और फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगेगी। कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश के केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

अभ्यर्थियों के लिए सख्त निर्देश जारी

आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षार्थी केवल बॉल प्वाइंट पेन, एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और पानी की बोतल ही अंदर ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेने की अपील भी की गई है।

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