इंटरव्यूथोड़ी सी लापरवाही से बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा: 40 की उम्र के बाद कम होने लगती है बोन डेंसिटी, जानें कैसे रखना है खुद का ख्याल

गोरखपुर|07 मार्च 2026
40 की उम्र के बाद कम होने लगती है बोन डेंसिटी, जानें कैसे रखना है खुद का ख्याल

मानव विकास के क्रम में उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। 40 से 50 साल की उम्र सीमा में प्रवेश करने के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि बुढ़ापे में जरा सी चोट या ठेस लगने से भी बोन फ्रैक्चर हो जाता है।

यह केवल कमजोरी तक सीमित नहीं होता, बल्कि शरीर की अंदरूनी बायोलॉजिकल प्रोसेस का परिणाम होता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि उम्र बढ़ने के बाद हड्डियां कमजोर क्यों होने लगती हैं, क्या इन्हें लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है? इस बारे में हमने विस्तार से बात की शहर के जाने-माने अर्थो सर्जन डॉ. दीपक पांडेय से। हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण उपाय बताए, जिसे आपको भी जानना चाहिए।

30 की उम्र तक सबसे मजबूत होती हैं हड्डियां

डॉ. दीपक पांडेय के मुताबिक बचपन और युवावस्था में तेजी से हड्डियां बनती हैं और करीब 30 साल की उम्र तक हड्डियां सबसे मजबूत होती हैं। जब कोई व्यक्ति 40 वर्ष की उम्र पूरी कर लेता है तो उसके शरीर में बोन डेंसिटी कम होने लगती है। इससे हड्डियों में कमजोरी आने लगती है। अगर लोगों के शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी हो जाए, तो बोन डेंसिटी कम उम्र में ही घट सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी एक कॉमन प्रॉब्लम है। उम्र बढ़ने पर शरीर इन पोषक तत्वों को पहले की तरह अच्छे से अवशोषित नहीं कर पाता है। इसके अलावा धूप में कम निकलना और डाइट में कमी भी इस समस्या को बढ़ा देती है। कैल्शियम और विटामिन-डी हड्डियों के निर्माण और मजबूती के लिए जरूरी होते हैं, इनकी कमी से हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।

डॉ. दीपक पांडेय, अर्थो सर्जन
डॉ. दीपक पांडेय, अर्थो सर्जन

हार्मोनल बदलाव से कमजोर होती हैं हड्डियां

डॉ. दीपक ने बताया कि हड्डियों के कमजोर होने का तीसरा फैक्टर हार्मोनल बदलाव है। खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से गिरता है, जो हड्डियों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा होता है। पुरुषों में भी उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटता है, जो बोन हेल्थ को प्रभावित करता है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है। उम्र बढ़ने के साथ लोग चलना-फिरना और एक्सरसाइज कम कर देते हैं, जबकि वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होती है। लगातार बैठे रहने से हड्डियों को जरूरी दबाव नहीं मिलता, जिससे वे कमजोर होने लगती हैं। हल्की वॉक, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद है।

40 की उम्र के बाद कम होने लगती है बोन डेंसिटी, जानें कैसे रखना है खुद का ख्याल

प्रापर डाइट से सही रहती है बोन डेंसिटी

अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या हड्डियों को उम्र के अंतिम पड़ाव तक मजबूत बनाए रखा जा सकता है? डॉ. दीपक ने बताया कि बुढ़ापे में हड्डियां कमजोर होती हैं और इस प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। हालांकि संतुलित डाइट, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन-डी की भरपूर मात्रा से हड्डियों की बोन डेंसिटी घटने की प्रोसेस को धीमा किया जा सकता है। इससे बुजुर्गों को भी लंबी उम्र तक हड्डियों की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। नियमित व्यायाम, धूप में समय बिताना और धूम्रपान व शराब से दूरी हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रख सकती है। डॉ. दीपक मानते हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, सही लाइफस्टाइल अपनाकर हड्डियों की सेहत को काफी हद तक ठीक रखा जा सकता है।

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