'प्रिंसिपल हत्यारा है, उसने हमारे अभय सर को मारा है': नवोदय विद्यालय के छात्रों ने टीचर के लिए मांगा इंसाफ, तख्ती पर लिखा 'प्रिंसिपल तेरी तानाशाही ने ले ली एक जान'

पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई टीचर की मौत से छात्रों के बीच आक्रोश है। अपने शिक्षक को इंसाफ दिलाने के लिए छात्र-छात्राओं ने मंगलवार और बुधवार को जमकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने स्कूल के मेस में भोजन करने से भी इनकार कर दिया। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर बच्चे धरने पर बैठ गए। अधिकारियों और शिक्षकों ने बच्चों को काफी समझाया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। बच्चों का कहना है कि उन्हें अपने टीचर के लिए न्याय चाहिए।
दरअसल, बीते 7 फरवरी को बस्ती जिले से नवोदय विद्यालय आते समय कंप्यूटर साइंस के टीचर अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिजनों सहित स्कूल के छात्रा-छात्राओं और कुछ टीचरों ने आरोप लगाया कि उनकी मौत की वजह स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना हैं। उनके तानाशाही रवैये की वजह से टीचर की मौत हुई है। विद्यालय के छात्र-छात्राएं अब अपने टीचर के लिए इंसाफ मांग रहे हैं।
शनिवार को हुआ था सड़क हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, अभय प्रताप सिंह 3 साल पहले लखनऊ से ट्रांसफर होकर अपने होम डिस्ट्रिक्ट बस्ती के पास पीपीगंज नवोदय विद्यालय में तैनात हुए थे। अभय यहां कक्षा 11 और 12 के बच्चों को कंप्यूटर साइंस पढ़ाते थे। शनिवार को सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। मौत के बाद मंगलवार और बुधवार को छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
हाथों में तख्तियां लेकर बैठे छात्र
विरोध-प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। इनपर लिखा था, 'प्रिंसिपल तेरी तानाशाही ने ले ली एक जान', 'प्रिंसिपल के तानाशाही रवैए के कारण हमें पढ़ाने वाले शिक्षक चले गए', 'प्रिंसिपल हत्यारा है, उसने हमारे अभय सर को मारा है', 'जस्टिस फॉर अभय सर'। इस दौरान कई छात्र-छात्राओं ने भोजन करने से भी इनकार कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीओ और एसएचओ ने छात्र-छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे।
बिना कुछ लिखे ही जमा कर दी उत्तर पुस्तिका
छात्र-छात्राओं का कहना था कि प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बच्चों से बात की और तब जाकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राएं शांत हुए और उन्होंने भोजन किया। गुरुवार को दोपहर तक किसी तरीके से प्रदर्शन शांत हो सका। गौरतलब है कि नवोदय विद्यालय में इस समय परिक्षाएं चल रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने विरोध में उत्तर पुस्तिका पर बगैर कुछ लिखे ही जमा कर दिया।
अभय ने मांगी थी 3 दिन की छुट्टी
वहीं, मृतक टीचर की पत्नी मधुलिका सिंह ने भी विद्यालय समिति के आयुक्त को पत्र लिखकर प्रिंसिपल पर आरोप लगाया है। पत्र में उन्होंने लिखा कि उनके घर में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए उनके पति ने तीन दिनों की छुट्टी मांगी थी, लेकिन प्रिंसिपल ने इसकी अनुमति देने से इंकार कर दिया। प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में परिक्षाएं चल रही हैं, इसलिए छुट्टी नहीं मिल सकती।
दबाव में घर से निकले थे अभय
बहुत कहने पर बड़ी मुश्किल से दो दिनों की छुट्टी ही स्वीकृत की, जबकि स्कूल में 30 टीचर हैं। 6 फरवरी को प्रिंसिपल ने फोन पर उनके पति से कहा कि या तो वह सुबह स्कूल पहुंच जाएं, वरना वो उनकी नौकरी खा जाएंगे। इसी दबाव में उनके पति 7 फरवरी को सुबह 5:00 बजे ही घर से स्कूल के लिए निकल गए। मधुलिका सिंह का आरोप है कि प्रिंसिपल का रवैया शुरू से ही तानाशाही रहा है। वह पहले भी कई बार दबाव बना चुके हैं। मधुलिका सिंह ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अभय ने ट्रांसफर ड्राइव भरा था
वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल संजीव कुमार सक्सेना ने आरोपों पर कहा कि अभय प्रताप सिंह ने ट्रांसफर ड्राइव भरा था, लेकिन किस जिले के लिए, उन्हें यह याद नहीं है। व्यवहार सुधार के लिए मेमो जारी किया गया था। इस मामले पर उप प्रधानाचार्य डॉ. बृजभूषण पांडे का कहना है कि विद्यालय का माहौल सामान्य हो रहा है। छात्र-छात्राओं के भोजन न करने का दावा निराधार है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वास
न दिया है।
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