एमएमएमयूटी में बवाल के बाद जांच शुरू: प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, छात्र बोले- कैंपस में सेफ फील नहीं हो रहा

गोरखपुर|19 अप्रैल 2026
प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, छात्र बोले- कैंपस में सेफ फील नहीं हो रहा

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (MMMUT) में हुए बवाल के बाद अब जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। छात्राओं द्वारा प्रोफेसर वीके गिरि पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। कैंपस का माहौल तनावपूर्ण होने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति ने काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार और शनिवार को प्रोफेसर वीके गिरि, रजिस्ट्रार और महिला वार्डन मीनू से पूछताछ की गई। साथ ही आरोप लगाने वाली छात्राओं के बयान भी दर्ज किए गए।

जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए समिति में अलग-अलग संस्थानों के सदस्य शामिल किए गए हैं। MMMUT के दो पुरुष प्रोफेसर और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी की दो महिला प्रोफेसर इस कमेटी का हिस्सा हैं। VC प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की रही है। हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी।

हॉस्टल में घुसने का आरोप, छात्राओं में आक्रोश

पूरे विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर वीके गिरि जबरन हॉस्टल में घुस गए। घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। उस समय TCS के एक कार्यक्रम को लेकर छात्राओं से बात हो रही थी। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कार्यक्रम में जाने से मना किया था। इसके बावजूद प्रोफेसर नहीं माने। आरोप है कि उन्होंने कमरे के दरवाजे पीटे और दबाव बनाया।

कपड़े बदल रही थी छात्रा

छात्राओं ने यह भी कहा कि एक छात्रा उस समय कपड़े बदल रही थी। इसके बावजूद दरवाजा पीटा गया। वार्डन ने भी बिना अनुमति कमरे में प्रवेश किया। इससे छात्राएं बेहद नाराज हो गईं। उनका कहना है कि वे अपने ही कॉलेज में सेफ फील नहीं कर रहीं। इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया।

MMMUT में विरोध प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।
MMMUT में विरोध प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।

विरोध प्रदर्शन में हजारों छात्र शामिल

घटना की खबर तेजी से पूरे कैंपस में फैल गई। देखते ही देखते छात्र-छात्राएं इकट्ठा होने लगे। बड़ी संख्या में छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी। कुछ ही समय में हजारों छात्र कैंपस में जमा हो गए। माहौल पूरी तरह गरम हो गया। छात्रों की मुख्य मांग थी कि प्रोफेसर को तुरंत सस्पेंड किया जाए। साथ ही सार्वजनिक माफी भी मांगी जाए। विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता गया। दोपहर से शुरू हुआ विवाद देर रात तक चलता रहा। करीब 10 घंटे तक कैंपस में तनाव बना रहा।

कैंपस बना छावनी, भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन को दखल देना पड़ा। कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। ADM सिटी, SP सिटी और CO कैंट मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। हालात इतने बिगड़ गए कि पूरा यूनिवर्सिटी कैंपस छावनी में बदल गया। देर शाम DM और SSP भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और स्थिति को शांत करने के प्रयास किए।

दो घंटे की मीटिंग के बाद शांत हुआ मामला

रात करीब 9:15 बजे प्रशासन और छात्रों के बीच मीटिंग शुरू हुई। इस मीटिंग में 100 से ज्यादा छात्र शामिल हुए। अधिकारियों ने एक-एक कर छात्रों की बात सुनी। छात्र लगातार कार्रवाई की मांग दोहराते रहे। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। DM दीपक मीणा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने विरोध खत्म किया।

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