मर्यादा, जीवंतता, भक्ति व समरसता ही सनातन की ताकत: घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, जमकर खेले होली

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानवमात्र के जीवन में मर्यादा, जीवंतता भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत है। इस परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्व की अनुभूति करनी चाहिए कि मर्यादा, शाश्वत चेतना की जीवंतता, भक्ति का उल्लास और समरसता का भान कराने वाले सभी प्रमुख विरासत स्थल इस प्रदेश में हैं।
सीएम बुधवार को होली महापर्व पर घंटाघर से आरएसएस व श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकलने वाली "भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा" के शुभारंभ अवसर पर उमड़े जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सभी नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का संरक्षण कैसे होना चाहिए, इसका एहसास आज भारत कर रहा है। काशी में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्म भूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, महाकाल में महाकाल लोकधाम, केदारपुरी में भगवान केदारनाथ का भव्य धाम, बद्रीनाथ में भव्य स्वरूप लेता भगवान बद्री विशाल का धाम, सोमनाथ धाम, जगन्नाथ धाम, रामेश्वरपुरी के भव्य स्वरूप का आनंद भारत को अपने विरासत पर गौरव की अनुभूति कराता है। यह इसलिए संभव हो सका है कि भारत के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यशस्वी नेतृत्व है। इस नेतृत्व में विरासत का संरक्षण हो रहा है साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना भी साकार हो रही है।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भाव को बनाना है जीवन का हिस्सा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा है। यहां भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या अयोध्या हमें जीवन में मर्यादा का एहसास कराती है। महादेव की नगरी काशी जीवन की शाश्वत चेतना अर्थात जीवंतता का प्रतीक है। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा वृंदावन भक्ति के आनंद की धरा है। जबकि प्रयागराज में मां, गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी समरसता का एहसास कराती है जहां बिना भेदभाव समाज के हर एक तबके के लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह उन लोगों के लिए एक सबक भी है जो प्रदेश में जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत का शोर मचाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ क्षुद्र बुद्धि के लोगों ने समाज को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के स्वांग रचे थे। हमें भारत को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने हैं, विकसित भारत की संकल्पना के साथ खुद को जोड़ना है। एक भारत श्रेष्ठ भारत के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भारतवासियों को गौरव की अनुभूति
सीएम योगी ने कहा कि इस वर्ष होली का पर्व हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है। यह ऐसा संगठन है जिसके सानिध्य में लाखों कार्यकर्ता भारत के सनातन धर्म की परंपरा और भारत की एकता व अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन होम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अनुशासन का महत्व क्या होता है, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीखा जा सकता है। विजयादशमी से प्रारंभ हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन के कार्यक्रमों में, सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करने के लिए हिंदू सम्मेलनों के अनुशासन की झलक सबने देखी। इन कार्यक्रमों में समाज का हर एक तबका भागीदार बना लेकिन कहीं भी कोई और व्यवस्था नहीं हुई। कहीं कानून व्यवस्था के लिए संकट नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता को परम वैभव पर पहुंचने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे यशस्वी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सभी भारतवासियों को गौरव की अनुभूति होती है।
पूरी दुनिया में अशांति पर भारत में उत्साह उमंग और आनंद
सीएम योगी ने कहा कि होली का यह पर्व हम भारत में ऐसे समय में आयोजित कर रहे हैं जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति और अराजकता वातावरण है। पर, भारत पीएम मोदी के यशस्वी नेतृत्व में उत्साह व उमंग के साथ इस पर्व का आनंद ले रहा है। कहीं कोई भय नहीं, कहीं अराजकता नहीं, कहीं अविश्वास नहीं। हरेक सत्यमेव जयते का भाव और जहां धर्म वहीं जय की गूंज। यह भाव हमारा सनातन वाक्य है और इसकी गूंज सर्वत्र हमें सुनाई दे रही है।
समरसता और राष्ट्रीयता का प्रतीक है गोरक्षपीठ: रमेश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि 81 वर्ष पूर्व नानाजी देशमुख द्वारा गोरखपुर में शुरू की गई इस रंगभरी शोभायात्रा ने पूरे देश को व्यापक संदेश दिया है। इसमें गोरक्षपीठ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी और भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ समरसता, आत्मीयता, राष्ट्रीयता और राष्ट्र भक्ति का प्रतीक है। रमेश जी ने कहा कि गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का तीव्र विकास हो रहा है और इसमें गोरखपुर का विकास विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
मुख्यमंत्री ने उतारी भगवान नृसिंह की आरती, जमकर खेली होली
मंच से लोगों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएंदेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नृसिंह का पूजन कर विधि विधान से उनकी आरती उतारी। उन्हें नारियल, गुझिया के साथ फूल, रंग, अबीर, गुलाल अर्पित किया। भगवान नृसिंह की पूजा करने के बाद सीएम योगी पूरी तरह होलीयाना मूड में आ गए। उन्होंने लोगों के ऊपर जमकर फूल की पंखुड़ियां, अबीर, गुलाल पंखुड़ियां उड़ाईं। देखते ही देखते योगी समेत समूचा जनमानस रंगों में सराबोर हो गया। इस दौरान जय श्रीराम और हर हर महादेव के नारों के बीच उत्सवी उमंग व उल्लास आसमान पर था। इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, अयोध्या से आए रामबालक दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, दक्षिण भाग संघ चालक ओम जालान, अरुण प्रकाश मल्ल, होलिका उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज जालान आदि भी मौजूद रहे।
सीएम योगी ने दी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में होलिकोत्सव की परंपरा के अनुसार शुभारंभ करते हुए कहा कि होलिकोत्सव सामाजिक समरसता, उमंग और उल्लास का पर्व है। उमंग और उल्लास के पर्व तभी उत्सवी रूप में मनाए जाते हैं जब शांति होती है। समाज में सौहार्द होता है, सुरक्षा का भाव और विश्वास होता है। उत्तर प्रदेश और पूरा देश आज इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ा है। बुधवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हजारों वर्षों की होली की विरासत को संरक्षित करके भारत की ऋषि परंपरा और पूर्वजों ने जिस भाव से सौंपा है, उसको वर्तमान पीढ़ी उसी उमंग और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में हर तबके के व्यक्ति, हर सनातनी इस पावन पर्व के साथ जुड़कर आनंद की अनुभूति कर रहा है। अगर कहीं कोई मनमुटाव या वैरभाव है उसे समाप्त करके समरस समाज की स्थापना के प्रयास को आगे बढ़ा रहा है।
डेढ़ लाख से अधिक जगहों पर जलाई गई होलिका
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में होलिकादहन के सभी कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुए। प्रदेश में एक लाख 61 हजार से अधिक स्थानों पर होलिकादहन के कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से उत्साह के साथ आयोजित हुए। स्वाभाविक रूप से होलिकादहन भगवान श्रीहरि विष्णु के महत्वपूर्ण नृसिंह अवतार के स्मरण का अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज में जहां कहीं भी अराजकता, अव्यवस्था और अशांति है तो उसका दमन करने के लिए, सज्जन शक्ति के संरक्षण व दुर्जन शक्ति को परास्त करने के लिए, सकारात्मक भाव को प्रोत्साहित करने और नकारात्मक भाव को तिरोहित करने के लिए ईश्वरीय अवतार एक नई प्रेरणा प्रदान करते हैं। हर कालखंड में यह अवतार किसी न किसी रूप में हम सबके सामने होते हैं। उनके अनुरूप हम सब भी प्रहलाद, शबरी या अर्जुन के रूप में अपनी भूमिका का ईमानदारी पूर्वक निर्वाह करेंगे तो सकारात्मक शक्तियां मजबूत होंगी तथा नकारात्मक ताकतें परास्त होकर अपने आप ही पराभव की ओर जाएंगी।
अनंतकाल तक मनाते रहें उत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का दर्शन हो रहा है, ऐसा भारत जो विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर हुआ है। आज का भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में मजबूती के साथ विरासत और विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बना है। हम सब इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकते हैं कि हमें आजादी के अमृतकाल में पीएम मोदी जैसा यशस्वी मार्गदर्शन और नेतृत्व प्राप्त हुआ है। उनके नेतृत्व में भारत विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा है। सीएम योगी ने सभी नागरिकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि समरसता के इस पावन पर्व को इसी उमंग और उत्साह के साथ अनंतकाल तक आने वाली पीढ़ियां मनाती रहें।
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