मानदेय बढ़ने से शिक्षामित्रों के चेहरे खिले: कहा- सीएम योगी ने जीता दिल, सम्मान समारोह में दिखी खुशी और गर्व की झलक

शहर में आयोजित प्रदेशस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र पहुंचे। सभी के चेहरों पर संतोष और सम्मान की चमक साफ दिख रही थी। लंबे समय से बेहतर मानदेय की मांग कर रहे शिक्षामित्रों को जब 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलने का ऐलान हुआ, तो यह उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ। इसके साथ ही पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा ने भी उनकी खुशी को दोगुना कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुआ। करीब 1500 लोगों की क्षमता वाला हॉल पूरी तरह भरा हुआ था। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए शिक्षामित्र मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताने पहुंचे थे। कई शिक्षामित्रों ने कहा कि 2017 से पहले वे खुद को उपेक्षित महसूस करते थे, लेकिन अब उन्हें सम्मान और पहचान मिली है।
शिक्षामित्रों ने जताया आभार
कासगंज से आए शिक्षामित्र तेजभान सिंह ने कहा कि पहले 10 हजार रुपये में घर चलाना मुश्किल था। अब 18 हजार रुपये मिलने से परिवार की स्थिति सुधरेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने वाला है। महराजगंज की शशिप्रभा सिंह सम्मान पाकर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके काम का सम्मान है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत को सही पहचान मिली है। कुशीनगर की अनुराधा सिंह ने कहा कि मानदेय बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा देना बहुत बड़ा कदम है। इससे शिक्षामित्रों का जीवन सुरक्षित होगा। गोरखपुर की फारिहा तबस्सुम ने बताया कि उन्होंने 3500 रुपये से अपने करियर की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे यह बढ़कर 10 हजार और अब 18 हजार हो गया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव उनके जीवन में बड़ा फर्क लाया है।
सीएम योगी ने किया सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शिक्षामित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षामित्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। बेहतर शिक्षा से ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण होगा।
शैक्षिक प्रदर्शनी में बच्चों की प्रतिभा ने किया प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान एक शैक्षिक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इसका अवलोकन किया। समेकित शिक्षा के स्टाल पर बच्चों की प्रतिभा देखकर वे काफी प्रभावित हुए। यहां श्रवण बाधित एक बालिका स्पीच थेरेपी के जरिए पढ़ाई कर रही थी। मुख्यमंत्री ने उससे बातचीत की और उसकी प्रगति को सराहा। एक अन्य दृष्टिबाधित छात्रा ने ब्रेल लिपि में किताब पढ़कर सुनाई। उसकी तेज पढ़ने की क्षमता ने सभी को हैरान कर दिया। मुख्यमंत्री ने मंच से इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह बेसिक शिक्षा में हो रहे सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।
मानदेय वृद्धि से बढ़ेगा आत्मविश्वास
इस फैसले के बाद शिक्षामित्रों में नया आत्मविश्वास देखा जा रहा है। आर्थिक स्थिति सुधरने के साथ उनके काम करने का उत्साह भी बढ़ेगा। शिक्षामित्रों का मानना है कि अब वे और बेहतर तरीके से बच्चों को शिक्षा दे पाएंगे। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि बदलाव और भरोसे का प्रतीक बनकर सामने आया। शिक्षामित्रों ने एक स्वर में कहा- “धन्यवाद मुख्यमंत्री जी, आपने सच में हमारा दिल जीत लिया।”
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