‘करौता से कारगिल’ का सफर तय करने निकले शिवम: गोरखपुर में समाजसेवी आलोक अग्रवाल ने किया भव्य स्वागत, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से फ्लैग ऑफ करके रवाना किया

महाराजगंज जिले के करौता गांव के रहने वाले युवा साइकिलिस्ट शिवम पटेल ने ‘करौता से कारगिल’ की साइकिल यात्रा शुरु कर दी है। कारगिल वार के शहीदों को समर्पित इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना है। 2500 किलोमीटर की इस यात्रा के पहले पड़ाव में बुधवार को शिवम गोरखपुर पहुंचे। यहां फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में उनका भव्य स्वागत किया गया। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर एवं समाजसेवी आलोक अग्रवाल ने शिवम को शॉल पहनाने के बाद फ्लैग ऑफ करके उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आलोक ने बताया कि हमें शिवम के इस प्रयास पर गर्व है। उन्होंने बताया कि साल 2024 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के दौरान शिवम को सांप ने काट लिया था। वापस उतरते वक्त स्टोन की चपेट में आने से वे कोमा में चले गए थे लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपना हौसला कम नहीं होने दिया। आज उसी का परिणाम है कि शिवम इतनी भीषण गर्मी के बाद भी विजय शिखर कारगिल की यात्रा कर रहे हैं। यह हमारे युवाओं को प्रेरित करेगा।

सीएम और पीएम की फिटनेस से प्रेरित हो रहे युवा
आलोक ने कहा कि हमें शिवम के जज्बे पर गर्व है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिटनेस को लेकर सजग रहते हैं। वे रोजाना योग और प्राणायाम करके अपने मन को स्थिर बनाए रखते हैं। आज हमारा यूथ भी इसी से प्रेरणा लेकर फिजिकल एक्टीविटीज को अपने जीवन का हिस्सा बना रहा है। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में शिवम के स्वागत के दौरान फ्लोट 24/7 की सीईओ प्राची सिंह, तोषित गोयल आदि मौजूद रहे।


यात्रा पूरी करके शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे
शिवम ने बताया कि उनकी साइकिल यात्रा का उद्देश्य कारगिल वार में शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि देना और युवाओं को देशभक्ति व फिटनेस के लिए जागरुक करना है। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत 27 अप्रैल की सुबह आठ बजे अपने पैतृक गांव करौता स्थित हनुमान मंदिर से की थी। शिवम ने बताया कि 40 दिनों में यात्रा पूरी करने का लक्ष्य है। जिसमें कारगिल बेस कैंप तक की यात्रा साइकिल से पूरी करने के बाद वे दो पहाड़ियों पर ट्रैकिंग कर तिरंगा फहराएंगे। इससे पहले महराजगंज में डीएम संतोष कुमार शर्मा ने शिवम को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया। गोरखपुर में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से फ्लैग ऑफ होने के बाद शिवम अब अपने अगले पड़ाव संत कबीर नगर के लिए निकल चुके हैं।

28000 कीलोमीटर की साइकिल यात्रा का रिकार्ड
शिवम बताते हैं कि छह साल की उम्र से ही उन्हें यात्रा करना बेहद पसंद है। जब वे ग्यारहवीं क्लास के छात्र थे, उस समय उनके मन में भारत भ्रमण का ख्याल आया। उन्होंने बताया कि एमजी इंटर कॉलेज प्रबंधन से परमिशन लेने के बाद उन्होंने नवंबर 2022 से लेकर नवंबर 2023 के बीच एक साल में कुल 28 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने 22 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों का सफर तय किया। शिवम माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप और खुम्बू ग्लेशियर तक पहुंचने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के साइकिलिस्ट हैं। उन्होंने माउंटेन बाइकिंग में गोल्ड मेडल पाने के साथ ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। प्रतिभा के धनी शिवम के साइकिलिंग का रिकार्ड इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकार्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
शिवम पटेल की यह यात्रा सिर्फ एक सफर नहीं है बल्कि एक संदेश है। यह दिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनका यह प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है। आने वाले दिनों में उनकी यह यात्रा और भी लोगों को प्रभावित करेगी।
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