गोरखपुर में 1.50 लाख वोटर्स को एसआइआर की नोटिसः: सुनवाई में पहुंचने वाले लोगों की संख्या बेहद कम, नेपाल से आई बहुओं को नहीं मिल रहे वैध दस्तावेज

गोरखपुर|07 मार्च 2026
सुनवाई में पहुंचने वाले लोगों की संख्या बेहद कम, नेपाल से आई बहुओं को नहीं मिल रहे वैध दस्तावेज

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत गोरखपुर में 2.83 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं जिनकी साल 2003 में बने वोटर लिस्ट से अबतक मैपिंग नहीं हो पाई है। ऐसे करीब 1.50 लाख वोटर्स को नोटिस दिया जा चुका है। इसके सापेक्ष सुनवाई में आने वाले वोटर्स की संख्या बेहद कम है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अभी तक केवल 30 फीसदी लोगों की ही सुनवाई हो सकी है। हालांकि, अब जैसे-जैसे सुनवाई की लास्ट डेट छह फरवरी नजदीक आ रही है, वोटर्स की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।

वहीं, सुनवाई के लिए पहुंचने वाले कई वोटर अमान्य दस्तावेजों की वजह से वापस लौटाए जा रहे हैं। पीपीगंज, कैंपियरगंज और भटहट जैसे इलाकों में नेपाल से आई नई बहुओं के सामने पहचान का संकट गहरा रहा है। इनके परिवार के लोग परेशान हैं। भटहट क्षेत्र के रहने वाले अमित गौड़ की शादी नेपाल में हुई है। एसआइआर में इनका नाम तो वोटर लिस्ट में है लेकिन पत्नी का नाम एड कराने के लिए इन्हें काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। नोटिस मिलने के बाद पत्नी के माता-पिता के वैध दस्तावेज नहीं मिले तो उन्होंने अपना ही दस्तावेज लगाकर फार्म जमा कर दिया।

नेपाली मूल की बहुओं के लिए पहचान का संकट

हालांकि, एईआरओ का कहना है कि यह मान्य नहीं होगा। इसी तरह बलुआ के रहने वाले अजित यादव भी पत्नी का नाम लिस्ट में शामिल कराने को लेकर परेशान हैं। नेपाली मूल की उनकी पत्नी का फार्म जमा करने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिल रहा। इस संबंध में कैंपियरगंज के तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि शादी के बाद नेपाल से गोरखपुर आई बहुओं को नागरिकता प्रमाण पत्र जमा करना होगा। गोला तहसील में एसआइआर के तहत बिना मैपिंग वाले 239 मतदाताओं को बुधवार को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिसमें से महज 51 लोग ही पहुंचे।

जिलाधिकारी कार्यालय, गोरखपुर।
जिलाधिकारी कार्यालय, गोरखपुर।

सहजनवा में सुनवाई के लिए पहुंचे मात्र 1700 वोटर

सहजनवं विधानसभा के 3368 वोटर्स को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। इसमें से मात्र 1700 वोटर ही पहुंचे। इनमें भी 1360 वोटर्स के ही दस्तावेज सही पाए गए। अमान्य दस्तावेज देने के चलते बाकी लोगों को सुनवाई के लिए दूसरी तारीख दी गई। सहजनवा कस्बा के प्रवीन और संगीता का नोटिस लेकर परिजन पहुंचे, लेकिन प्रमाणपत्र में कमी के चलते अगली तारीख दी गई। नयागांव के रहने वाली जया और निधी को मिली नोटिस लेकर जब परिजन पहुंचे तो अधिकारियों ने वोटर्स के न आने का कारण उचित नहीं मानते हुए उन्हें वापस कर दिया।

189 वोटर्स की हो सकी सुनवाई

दोनों ही मामलों में परिजनों ने बताया कि संबंधित महिला वोटर दूसरे प्रदेश में पति के साथ रहती हैं। एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने कहा कि प्रमाण पत्र सही होने और वोटर की गैर मौजूदगी में उसके द्वारा नामित परिवार के किसी सदस्य का रहना अनिवार्य है। खजनी तहसील में तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने सुनवाई की। बुधवार को यहां 447 लोग आए जिनमें 189 की ही सुनवाई हो सकी।

30 व 31 को बूथों पर मौजूद रहेंगे बीएलओ

कुछ लोगों को डीएम के पास भेजा गया जबकि 111 लोगों को मान्य दस्तावेज लेकर आने का सुझाव देकर लौटा दिया गया। उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि 30 और 31 जनवरी को सभी बूथों पर बीएलओ फार्म छह, सात और आठ के साथ मौजूद रहेंगे। जिन भी वोटर्स के नाम एसआइआर में छूट गए या त्रुटिवश कट गए या फिर एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा अपने बूथों पर पहुंचकर जरूरी प्रमाण पत्र के साथ फार्म भरकर वोटर बन सकते हैं।

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