किशोर के सीने-गर्दन के आर-पार घुसा सरिया: पतंग उड़ाते समय हुआ हादसा, ऑपरेशन से बची जान

शहर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां 14 साल का एक किशोर पतंग उड़ाते समय छत से फिसलकर लोहे के सरिए पर जा गिरा। सरिया उसके सीने और गर्दन को आर-पार कर गया। घटना इतनी भयावह थी कि जिसने भी देखा सन्न रह गया। किशोर करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। परिवार के लोग बदहवास हो गए। बाद में काफी मशक्कत के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने लंबा ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई।
यह घटना तिवारीपुर थाना क्षेत्र के इलाहीबाग लाला टोली इलाके की है। सोमवार सुबह करीब 9 बजे हर्ष श्रीवास्तव नाम का किशोर घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। मां ने उसे दो बार नीचे बुलाया लेकिन वह फिर से छत पर चला गया। घर की पहली मंजिल पर बनी सीढ़ियों के पास टीनशेड लगा था। किशोर उसी पर चढ़कर पतंग उड़ाने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे की तरफ गिर पड़ा। नीचे निर्माण कार्य के दौरान निकले सरिए खड़े थे। जिनमें से एक सरिया उसके शरीर में घुस गया।
चीख सुनकर दौड़े परिजन
अचानक किशोर की तेज चीख सुनाई दी। वह मदद के लिए पुकार रहा था। घर में मौजूद लोग और किराएदार तुरंत छत की तरफ भागे। वहां का मंजर देखकर सभी के होश उड़ गए। किशोर सरिए में फंसा हुआ था। सरिया उसके सीने से होते हुए गर्दन के पार निकल गया था। वह दर्द से बुरी तरह तड़प रहा था। मां की हालत खराब हो गई। परिवार के लोग रोने-चिल्लाने लगे।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू
स्थिति बेहद गंभीर थी। आसपास के लोगों ने सलाह दी कि सरिया सीधे निकालना खतरनाक हो सकता है। इससे ज्यादा खून बहने का खतरा था। इसके बाद तुरंत एक कारीगर को बुलाया गया। कटर मशीन से सरिए को सावधानी से काटा गया। यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला। इस दौरान किशोर दर्द से छटपटाता रहा लेकिन उसे हिलाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा था।
सरिया सहित पहुंचाया गया अस्पताल
सरिया काटने के बाद किशोर को उसी हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। उसके शरीर में सरिए का हिस्सा अभी भी फंसा हुआ था। डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी में भर्ती किया। हालत नाजुक थी। लेकिन टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे तक सर्जरी चली। काफी सावधानी के साथ सरिए को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और किशोर की जान बच गई।
डॉक्टरों ने बताया गंभीर मामला
किशोर की मां अदिति श्रीवास्तव ने बताया कि उनका बेटा घर में सबसे बड़ा है। पिता अमरेश श्रीवास्तव वेटर का काम करते हैं। घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है। डॉक्टरों का कहना है कि यह बेहद क्रिटिकल केस था। थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती थी। फिलहाल किशोर की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे निगरानी में रखा गया है।
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