17 साल बाद कालोनियों के ट्रांसफर का ग्रहण खत्म: GDA ने नगर निगम को 57 करोड़ दिए, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 16 आवासीय एवं कामर्शियल कॉलोनियों का नगर निगम को हैंडओवर अंतिम दौर में है। प्राधिकरण ने गुरुवार को कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइटों, सड़कों, पार्कों, पेयजल और अन्य कार्यों को लेकर नगर निगम की ओर से मांगे गए 57 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए हैं। इसके साथ करीब 17 साल बाद से इन कालोनियों पर लगा ग्रहण भी खत्म हो गया।
GDA VC आनंद वर्द्धन ने बताया कि जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित कॉलोनियां हैंडओवर कर दी जाएंगी। 20 फरवरी 2025 को हुई 127वीं बोर्ड बैठक में नगर निगम ने पहले 15 करोड़ रुपये, बाद में संशोधित कर 23.27 करोड़ रुपये की मांग प्रस्तुत की थी। इसके बाद तीन नवंबर को नगर निगम सभागार में हुई बैठक में तय हुआ कि GDA द्वारा नियुक्त स्वच्छता एजेंसी को भी नगर निगम के नियंत्रण में दिया जाएगा।
57 करोड़ में हैंडओवर का फैसला
इसके बाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में 57 करोड़ रुपये देने पर हैंडओवर लेने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण ने नगर निगम की डिमांड का संयुक्त परीक्षण करने के बाद गुरुवार को 57 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी।
ये कॉलोनियां/परियोजनाएं होंगी हैंडओवर
हैंडओवर की प्रक्रिया के तहत 16 प्रमुख कालोनियां और परियोजनाएं नगर निगम को सौंपी जाएंगी। इनमें वसुन्धरा एन्क्लेव (प्रथम, द्वितीय, तृतीय), लोहिया एन्क्लेव (प्रथम, द्वितीय, तृतीय), वैशाली, यशोधरा कुंज, अमरावती निकुंज, कारपोरेट योजना, बुद्ध विहार (पार्ट-ए, बी, सी), आम्रपाली, सिद्धार्थपुरम विस्तार, गौतम विहार, शास्त्रीपुरम विस्तार, जीडीए टावर, लेक-व्यू अपार्टमेंट और प्रधानमंत्री आवास योजना राप्तीनगर शामिल हैं।
जल्द पूरी होंगी अन्य औपचारिकताएं
इस संबंध में GDA VC आनंद वर्धन ने बताया कि कॉलोनियों, व्यावसायिक परियोजनाओं के हैंडओवर की सभी प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। नगर निगम की डिमांड के मुताबिक 57 करोड़ रुपये भी निगम RTGS कर दिए गए हैं। जल्द ही महापौर और नगर आयुक्त के साथ दस्तावेज संबंधी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएंगी।
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