गोरखपुर में मारपीट में दो सगे भाइयों की मौत: अस्पताल में हंगामा और सड़क जाम, कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर विवाद

गोरखपुर|02 मई 2026
अस्पताल में हंगामा और सड़क जाम, कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर विवाद

शहर के रामगढ़ताल क्षेत्र के मंझरिया बड़गो गांव में मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया। कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर 28 अप्रैल की रात दो पक्षों में झगड़ा हुआ। यह झगड़ा जल्द ही हिंसक मारपीट में बदल गया। इस घटना में घायल दो सगे भाइयों की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार रात एक भाई ने दम तोड़ा। शुक्रवार सुबह दूसरे भाई की भी जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।

मृतकों की पहचान अक्षयवर निषाद (45) और पप्पू निषाद (40) के रूप में हुई है। दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद उन्हें पहले सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत नाजुक होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन परिजन उन्हें वहां न ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिए। यहीं इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

अस्पताल पर किडनी निकालने का आरोप

मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने कहा कि इलाज में लापरवाही हुई। साथ ही बिना वजह पेट का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने किडनी निकालने तक का आरोप लगा दिया। हालांकि पुलिस जांच में किडनी निकालने की बात गलत पाई गई। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा चलता रहा।

पोस्टमार्टम हाउस पर भी बवाल

शुक्रवार को मामला और बढ़ गया। पोस्टमार्टम हाउस पर सैकड़ों लोग जुट गए। परिजनों और ग्रामीणों ने गुस्से में शव सड़क पर रख दिया। गोरखपुर-महराजगंज रोड पर जाम लगा दिया गया। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की। रवि कुमार सिंह और ज्ञान प्रताप सिंह ने पुलिस बल के साथ हालात को कंट्रोल किया। पहले जाम खुलवाया गया। फिर दोबारा जाम लगा, जिसे फिर से शांत कराया गया। आखिरकार परिजनों को समझाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी किया गया।

वीडियोग्राफी के साथ हुआ पोस्टमार्टम

तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम विशेष निगरानी में कराया गया। दो डॉक्टरों के पैनल की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इससे पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश की गई।

आर्थिक मदद की गुहार

परिवार ने सरकार से बड़ी मांगें रखी हैं। उन्होंने 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मांगी है। साथ ही बच्चों की मुफ्त शिक्षा और आवास के लिए जमीन की मांग की है। बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहयोग और सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की भी मांग की गई है।

दोनों भाई परिवार के सहारे थे

अक्षयवर निषाद चार बच्चों के पिता थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। वहीं पप्पू निषाद की तीन छोटी बेटियां हैं। दोनों भाइयों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस कार्रवाई तेज, आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने पहले ही केस दर्ज कर लिया था। निमिष पाटील ने बताया कि अब मौत के बाद केस में गंभीर धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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