स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग: गोरखपुर में आप का प्रदर्शन, आगरा-लखनऊ-कानपुर में भी उबाल

गोरखपुर में स्मार्ट मीटर के विरोध ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शहर के शास्त्री चौक पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। सभी के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि स्मार्ट मीटर योजना आम जनता के लिए परेशानी बनती जा रही है। इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। माहौल पूरी तरह विरोध से भरा हुआ था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और बिजली जैसी जरूरी सेवा को मुनाफे का जरिया बना दिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान आप के जिलाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। पहले जहां बिल सीमित आता था, अब वही दोगुना तक पहुंच रहा है। इसके अलावा रिचार्ज करने के बाद भी बिजली कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे आम लोगों का भरोसा इस सिस्टम पर कमजोर होता जा रहा है।

आगरा में सपा का प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक
सोमवार को आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता धौलपुर हाउस से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाल रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। गेट बंद कर दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ने लगे। हालात तनावपूर्ण हो गए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोका गया, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। पार्टी ने मांग की कि स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए। उनका कहना है कि प्रीपेड सिस्टम में पारदर्शिता नहीं है और उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसा लिया जा रहा है।

लखनऊ में आप का मार्च, पुलिस ने हिरासत में लिया
राजधानी लखनऊ में भी विरोध तेज रहा। आप कार्यकर्ता शक्ति भवन से विधानसभा की ओर मार्च निकाल रहे थे। रास्ते में श्रीराम टावर के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें जबरन गाड़ियों में बैठाकर ईको गार्डन भेजा गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आप नेताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर के जरिए जनता को “स्मार्ट तरीके से लूटा” जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध और तेज होगा।

कानपुर में महिलाओं का गुस्सा, मीटर तोड़ा
कानपुर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आक्रोश अलग ही स्तर पर दिखा। जरौली फेस-1 इलाके में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों महिलाएं पोस्टर-बैनर लेकर सड़कों पर उतरीं। गुस्से में उन्होंने एक स्मार्ट मीटर को जमीन पर पटककर तोड़ दिया। उस पर चप्पलें बरसाईं। महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर उनके लिए सुविधा नहीं, मुसीबत बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ताला बंद घरों में भी मीटर रीडिंग बढ़ रही है। बिल लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं। चेतावनी दी गई कि अगर मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन होगा।
पूरे प्रदेश में फैल रहा विरोध
स्मार्ट मीटर को लेकर यह विरोध अब सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है। गोरखपुर, आगरा, लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े कई शहरों में प्रदर्शन हो चुके हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल और आम नागरिक इस मुद्दे पर एकजुट होते दिख रहे हैं। हर जगह एक जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। बढ़े हुए बिल, जबरन इंस्टॉलेशन और तकनीकी खामियां। लोगों का कहना है कि जब तक सरकार इस योजना पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
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