कुशीनगर बाढ़ में 3 दिन छत पर फंसे रहे दंपती: 7 घंटे चले रेस्क्यू से बची जान, फसल बचाने गए थे दोनों

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने कुशीनगर के विंध्याचलपुर दियारा क्षेत्र में रहने वाले एक किसान दंपती को तीन दिन तक बाढ़ के बीच जिंदगी और मौत से जूझने पर मजबूर कर दिया। चारों ओर पानी से घिर जाने के बाद दोनों अपनी झोपड़ी की छत पर शरण लेकर मदद का इंतजार करते रहे। बच्चों और ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन सक्रिय हुआ और एसडीआरएफ ने सात घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दंपती के सुरक्षित लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, नौतार जंगल गांव निवासी विनोद साहनी और उनकी पत्नी इसरावती देवी रोजाना विंध्याचलपुर दियारा स्थित खेतों की रखवाली करने जाते थे। रविवार को गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे पूरा दियारा क्षेत्र पानी में डूब गया। अधिकांश किसान समय रहते अपने पशुओं के साथ सुरक्षित लौट आए। लेकिन विनोद और उनकी पत्नी खेत छोड़ने को तैयार नहीं हुए। उन्हें आशंका थी कि यदि वे लौट गए तो पशु उनकी सालभर की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा देंगे। इसी कारण दोनों अस्थायी झोपड़ी में ही रुक गए।
छत बनी सहारा
कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ गया और झोपड़ी चारों ओर से घिर गई। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। अपनी जान बचाने के लिए दोनों झोपड़ी की छत पर चढ़ गए और वहीं से मदद का इंतजार करने लगे। तेज बहाव के कारण कोई भी ग्रामीण नाव लेकर वहां तक नहीं पहुंच सका। विनोद ने मोबाइल से परिजनों को अपनी स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद गांव के प्रधान को सूचना दी गई। जिन्होंने तत्काल खड्डा एसडीएम सर्वेश सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया।
एसडीआरएफ ने चलाया सर्च अभियान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने राजस्व विभाग और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर भेजा। मंगलवार सुबह राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में एसडीआरएफ ने विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उफनती धारा और तेज बहाव के बीच टीम ने करीब सात घंटे तक लगातार अभियान चलाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवान दंपती तक पहुंचे और उन्हें सुरक्षित नाव के जरिए बाहर निकालकर किनारे लाए।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
नायब तहसीलदार खड्डा अभिषेक कुमार ने बताया कि दोनों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य है। प्रशासन लगातार गंडक नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। दियारा क्षेत्र में रहने वाले किसानों से अपील की गई है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जोखिम न उठाएं और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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