यूपी में शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 30 जिलों के बीएसए बदले, कई चर्चित अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

लखनऊ|1 घंटा पहले
30 जिलों के बीएसए बदले, कई चर्चित अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में व्यापक प्रशासनिक बदलाव किया। प्रदेश के 30 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही 18 जिलों में डायट प्राचार्यों और सीनियर प्रवक्ताओं को भी नई तैनाती दी गई है। शिक्षा विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तबादला सूची में कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं। जो अपने कार्यों, निर्णयों और चर्चित बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं।

तबादला सूची में अलीगढ़ के बीएसए राकेश सिंह का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। उन्हें आगरा का नया बीएसए नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह इससे पहले उस समय सुर्खियों में आए थे। जब उन्होंने विद्यालयी शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गणना संबंधी कार्य में लगाने के निर्देश दिए थे। इस आदेश को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति भी जताई थी। इसके बावजूद राकेश सिंह अपने प्रशासनिक निर्णयों और कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में बने रहे। राकेश सिंह को सबसे अधिक पहचान उस समय मिली, जब उन्होंने अपने बेटे के परीक्षा परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रेरणादायक संदेश साझा किया था। उनके बेटे को 12वीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से लिखा था। सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से तय होती है। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था। लोगों ने इसकी सराहना की थी।

वाराणसी में नया नेतृत्व, अनुराग श्रीवास्तव प्रतीक्षारत

वाराणसी में भी शिक्षा विभाग के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। भूपेंद्र सिंह को जिले का नया बीएसए नियुक्त किया गया है। वहीं, वर्तमान बीएसए अनुराग श्रीवास्तव को फिलहाल प्रतीक्षारत सूची में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि अनुराग श्रीवास्तव का वाराणसी में कार्यकाल लगभग आठ महीने का ही रहा। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आरटीआई मामले में चर्चित रहे अधिकारी का भी तबादला

आगरा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड का तबादला झांसी कर दिया गया है। जितेंद्र गोंड उस समय चर्चा में आए थे, जब सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में उन पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था। आयोग ने उन्हें सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही का दोषी पाया था। अब उन्हें नई जिम्मेदारी के तहत झांसी भेजा गया है।

दीपा भाटी को पहली बार मिली बीएसए की कमान

तबादला सूची में ग्रेटर नोएडा की शिक्षाविद् दीपा भाटी का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। उन्हें हापुड़ का नया बीएसए बनाया गया है। दीपा भाटी की सफलता की कहानी शिक्षा जगत में प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है। उन्होंने विवाह के 18 वर्ष बाद वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा में 166वीं रैंक हासिल की थी। तीन बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी। तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। गले की बीमारी के कारण अध्यापन कार्य छोड़ने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा का लक्ष्य तय किया था। शुरुआती असफलताओं और सामाजिक दबावों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अंततः सफलता हासिल की। अब उन्हें पहली बार बीएसए के रूप में जिले की शैक्षिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज में नए अफसरों की तैनाती

फेरबदल के तहत राम जियावन मौर्य को कुशीनगर से देवरिया, अनिल कुमार सिंह को देवरिया से कुशीनगर और सुरजीत सिंह को कानपुर से स्थानांतरित कर महाराजगंज में नियुक्त किया गया है। शिक्षा विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों से विभागीय कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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