सीएम योगी का चुटीला अंदाज: बोले- लड़के शायद घर में झाड़ू-पोंछा ज्यादा कर रहे, मेरिट में बेटियों का दबदबा

लखनऊ|15 घंटे पहले
बोले- लड़के शायद घर में झाड़ू-पोंछा ज्यादा कर रहे, मेरिट में बेटियों का दबदबा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का सोमवार को राजधानी स्थित लोकभवन में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के टॉपर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता, अनुशासन और तकनीक के संतुलित उपयोग का संदेश दिया। वहीं, मेरिट सूची में छात्राओं की बढ़ती संख्या को लेकर उन्होंने अपने विशेष अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि अब ऐसा लग रहा है कि लड़के घरों में झाड़ू-पोंछा और अन्य घरेलू कामों में ज्यादा व्यस्त हो गए हैं। इसलिए बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

लोकभवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के 75 जिलों के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले 223 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें 138 छात्राएं और 85 छात्र शामिल रहे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित सम्मान समारोहों में कुल 1,459 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों के साथ उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। यूपी बोर्ड के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई तथा संस्कृत शिक्षा बोर्ड के मेधावी छात्र भी समारोह का हिस्सा बने।

परीक्षा का उद्देश्य आत्मविश्वास बढ़ाना होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भयभीत करना नहीं बल्कि उनमें आत्मविश्वास पैदा करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र इतने जटिल नहीं होने चाहिए कि छात्रों के पसीने छूट जाएं। अच्छा शिक्षक वही होता है जो विद्यार्थियों के भीतर सीखने की जिज्ञासा और आत्मविश्वास विकसित करे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित हुई है। जिससे प्रतिभाओं को उचित पहचान मिल रही है।

सोशल मीडिया से दूरी और ज्ञान से दोस्ती का संदेश

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी इंटरव्यू में यह नहीं पूछा जाता कि आपके कितने फॉलोअर्स हैं। सफलता का आधार ज्ञान, व्यक्तित्व और मेहनत होती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि छोटे बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन देने से बचें और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मविश्वास आवश्यक है। अतिआत्मविश्वास व्यक्ति को असफलता की ओर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी परंपराओं, संस्कृति और व्यावहारिक ज्ञान को समझने का आह्वान किया। योगी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

स्वास्थ्य और राष्ट्रसेवा को भी दें महत्व

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और व्यायाम भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जीवन में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

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