बोतलों में गंदा पानी लेकर सड़क पर उतरे लोग: दो घंटे तक लखनऊ-कानपुर रोड किया जाम, नगर निगम के खिलाफ की नारेबाजी

मानक नगर क्षेत्र स्थित रामनगर कॉलोनी में गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान लोगों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने लखनऊ-कानपुर रोड पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने अपने घरों में सप्लाई हो रहे दूषित पानी को बोतलों में भरकर अधिकारियों के सामने पेश किया। आरोप लगाया कि लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सड़क पर एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग सड़क पर उतर आए। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। जिससे पीने योग्य पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। भीषण गर्मी के बीच साफ पानी न मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जलापूर्ति की स्थिति बहुत खराब है। लोग मजबूरी में बाजार से पानी खरीदने को विवश हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
दो घंटे तक बाधित रहा यातायात
प्रदर्शन अवध चौराहा से लेकर इंडियन बैंक के सामने तक किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर बैठ जाने से लखनऊ-कानपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कानपुर की ओर से आने वाले वाहनों को नटकुर खेड़ा के पास से डायवर्ट करना पड़ा। इसके बावजूद सड़क पर रोडवेज बसों, निजी वाहनों और मालवाहक ट्रकों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।
स्वास्थ्य को लेकर भी जताई चिंता
क्षेत्रवासियों ने कहा कि दूषित पानी की आपूर्ति से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने जलापूर्ति लाइनों की तत्काल जांच कर खराबी दूर करने तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
सूचना मिलने पर नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। लोगों ने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पानी सुरक्षित है तो अधिकारी स्वयं इसे पीकर दिखाएं। काफी देर तक चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस की मदद से यातायात को सामान्य कराया गया। हालांकि क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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