कैंची धाम जा रहे दोस्तों की कार ट्रेलर में घुसी: हादसे में चार की मौत; तीन युवक गंभीर हालत में लखनऊ रेफर

बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में चार दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए है। हादसा उस समय हुआ जब कैंची धाम दर्शन के लिए जा रही तेज रफ्तार कार लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर एक चल रहे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उसमें सवार युवक बुरी तरह फंस गए। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हादसे की वजह चालक को आई झपकी और तेज रफ्तार को माना है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण राहत कार्य में जुट गए।
हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास मंगलवार सुबह करीब तीन बजे हुआ। पुलिस के अनुसार कार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान चालक को झपकी आ गई और वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
ऑन-द-स्पॉट चार की डेथ
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चंदौली निवासी राहुल कुमार (36), गाजीपुर निवासी राहुल सिंह (35), बलिया निवासी सत्यम सिंह (38) और सुल्तानपुर निवासी सूरज मिश्रा (31) को मृत घोषित कर दिया। वहीं मिर्जापुर निवासी पंकज (34) और चंदन (35) के साथ बलिया निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं। तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल में मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। अपनों की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कई लोग जमीन पर बैठकर बिलखते नजर आए। स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी परिवार के सदस्यों को संभालने की कोशिश करते रहे। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर अस्पताल पहुंचे लोग भी स्तब्ध रह गए।
परिवार का सहारा था सत्यम
मृतकों में शामिल सत्यम सिंह मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाला था। वह वाराणसी में हॉस्टल का संचालन करता था। जानकारी के मुताबिक उनके पिता तेजप्रताप सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। सत्यम तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। वह करीब एक सप्ताह पहले ही बलिया अपने घर आया था। परिवार और परिचितों के मुताबिक सत्यम बेहद मिलनसार स्वभाव का था और उसकी अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में चालक को आई नींद हादसे की प्रमुख वजह लग रही है। तेज रफ्तार के कारण टक्कर का असर और घातक हो गया। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।
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