डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के चार्टर्ड प्लेन में तकनीकी खराबी: टेकऑफ से पहले इंजन से निकला धुआं, 20 मिनट वीआईपी लाउंज में रुके

उत्तरप्रदेश|1 घंटा पहले
टेकऑफ से पहले इंजन से निकला धुआं, 20 मिनट वीआईपी लाउंज में रुके

प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। मुरादाबाद एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरने जा रहे उनके सरकारी चार्टर्ड विमान में टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी आ गई। विमान का एक इंजन अचानक बंद हो गया और उसमें से धुआं निकलने लगा। घटना के समय डिप्टी सीएम अपने सहयोगियों के साथ विमान के भीतर मौजूद थे। स्थिति गंभीर होते देख पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए विमान को रोक दिया, जिसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एहतियातन ब्रजेश पाठक को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर वीआईपी लाउंज पहुंचाया गया।

जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम रविवार को सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मुरादाबाद पहुंचे थे। यहां उन्होंने संगठनात्मक बैठकों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद वह गजरौला स्थित जुबिलेंट फैक्ट्री के गेस्ट हाउस में रुके थे। सोमवार को उन्होंने अमरोहा और संभल जिलों का दौरा किया और शाम करीब चार बजकर पांच मिनट पर मुरादाबाद एयरपोर्ट पहुंचे। करीब पांच मिनट बाद उनका चार्टर्ड प्लेन उड़ान भरने की तैयारी में था। पायलट ने जैसे ही विमान का इंजन स्टार्ट किया, बाएं इंजन से धुआं निकलने लगा। तकनीकी खराबी का संकेत मिलते ही विमान को तुरंत रोक दिया गया।

सड़क मार्ग से रवाना हुए लखनऊ

घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीमों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया। डिप्टी सीएम को वीआईपी लाउंज में ले जाया गया, जहां वह करीब 20 मिनट तक रुके रहे। जांच के बाद तकनीकी विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि विमान फिलहाल उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद प्रशासन ने सड़क मार्ग से उनके लखनऊ लौटने की व्यवस्था की। डिप्टी सीएम के निजी सहायक राहुल सारस्वत ने बताया कि घटना में सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

लखनऊ से भेजी गई इंजीनियरों की टीम

नागरिक उड्डयन विभाग के डायरेक्टर निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद लखनऊ से इंजीनियरों की टीम मुरादाबाद भेजी गई है। टीम विमान के इंजन और अन्य तकनीकी हिस्सों की विस्तृत जांच करेगी। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी को धुआं निकलने की संभावित वजह माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पायलट ने टैक्सी-वे पर ही तकनीकी समस्या का अंदाजा लगा लिया था, इसलिए विमान को रनवे तक नहीं ले जाया गया। इससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

सरकार के बेड़े में शामिल है विमान

जिस विमान में यह तकनीकी खराबी आई, वह बीचक्रॉफ्ट किंग एयर बी-200 मॉडल का सरकारी चार्टर्ड प्लेन है। उत्तर प्रदेश सरकार के पास कुल तीन चार्टर्ड विमान हैं, जिनका संचालन और रखरखाव राज्य नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा किया जाता है। सरकारी बेड़े में Hawker 900XP कॉर्पोरेट जेट, Super King Air B-200 और Super King Air B-300 शामिल हैं। इन विमानों का उपयोग मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य सीनियर अधिकारियों की सरकारी यात्राओं के लिए किया जाता है। घटना के बाद विभाग ने सभी विमानों की तकनीकी जांच को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है।

नव्य जागरण

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