संतकबीरनगर में विदेशी फंडिंग मामले में SIT की चार्जशीट दाखिल: मौलाना और बेटे की बढ़ीं मुश्किलें, ATS जांच के बाद केस दर्ज

उत्तरप्रदेश|4 घंटे पहले
मौलाना और बेटे की बढ़ीं मुश्किलें, ATS जांच के बाद केस दर्ज

ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमसुल हुदा खान से जुड़े चर्चित विदेशी फंडिंग मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर न्यायालय में एक हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मौलाना और उनके पुत्र तौसीफ रजा खान की कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं। मामले में विदेशी धन के स्रोत और उसके उपयोग की जांच ईडी और एनआईए भी अपने स्तर पर कर रही हैं।

मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में एटीएस की जांच से हुई थी। जांच में आरोप सामने आया कि ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने के बावजूद मौलाना शमसुल हुदा खान ने यह तथ्य छिपाकर आजमगढ़ के एक मदरसे में नौकरी की और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ भी लिया। इसके अलावा धार्मिक प्रचार-प्रसार के नाम पर जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न स्थानों की यात्राएं करने और विदेशी धनराशि के जरिए मदरसे का संचालन किए जाने के भी साक्ष्य मिलने का दावा किया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर दो नवंबर 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार की तहरीर पर खलीलाबाद कोतवाली में केस दर्ज किया गया था।

करीब 100 करोड़ की संपत्तियां चिन्हित होने का दावा

एसआईटी ने अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में विवेचना करते हुए छह बैंकों की 21 शाखाओं से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। जांच दल का दावा है कि विदेशी फंडिंग के माध्यम से अर्जित करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई है। ये संपत्तियां संतकबीरनगर के मोतीनगर, कांटे और देवरियालाला क्षेत्रों में स्थित बताई गई हैं।

परिजनों के नाम संपत्ति हस्तांतरण का आरोप

जांच एजेंसी का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से मौलाना ने अपनी कई संपत्तियां पुत्र तौसीफ रजा खान और बहू नसरीन जहां के नाम हस्तांतरित कर दी थीं। जांच के दौरान यह भी दावा किया गया कि नीदरलैंड, कतर (दोहा), ऑस्ट्रेलिया, लंदन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान समेत कई देशों से उनके बैंक खातों में विदेशी धनराशि भेजी गई।

एसआईटी ने बेटे को भी बनाया आरोपी

अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से यह सामने आया कि विदेश से प्राप्त धनराशि का उपयोग निजी संपत्तियां बनाने और व्यक्तिगत उपयोग में किया गया। उन्होंने कहा कि जांच में मौलाना के पुत्र तौसीफ रजा खान के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें भी केस में आरोपित किया गया है। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। अब मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

नव्य जागरण

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