यूपी में नया बर्थ-डेथ रजिस्ट्रेशन नियम लागू: सफर में भी देनी होगी जानकारी, पंजीकरण में देरी पर लगेगा शुल्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था में जन्म या मृत्यु की सूचना देने की समय-सीमा, विलंबित पंजीकरण, यात्रा के दौरान होने वाली घटनाओं का पंजीकरण, प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया और अभिलेखों के डिजिटलीकरण समेत कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म से जुड़े रजिस्टरों को स्थायी अभिलेख घोषित किया गया है, जिन्हें नष्ट नहीं किया जाएगा।
नई नियमावली के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का जन्म या मृत्यु ट्रेन, बस, विमान, नाव, जहाज, मोटरकार, मोटरसाइकिल, तांगा, रिक्शा या किसी अन्य चलित वाहन में होती है तो संबंधित वाहन का प्रभारी पहले ठहराव वाले स्थान के जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार को इसकी सूचना देगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी घटनाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में प्रमाण-पत्र जारी करने में कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा न आए।
बच्चे का नाम दर्ज कराने की समय-सीमा बढ़ी
यदि किसी नवजात का जन्म बिना नाम के पंजीकृत कराया गया है तो अभिभावक जन्म पंजीकरण की तिथि से 12 माह के भीतर नाम दर्ज करा सकते हैं। एक वर्ष के बाद भी 15 वर्ष तक निर्धारित प्रक्रिया और विलंब शुल्क के साथ नाम दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। नई व्यवस्था में प्रथम नाम, मध्य नाम और अंतिम नाम दर्ज करना अनिवार्य होगा और किसी प्रकार के संक्षिप्ताक्षर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पता और तिथि दर्ज करने के लिए भी एक समान प्रारूप निर्धारित किया गया है।
21 दिन में सूचना देना जरूरी
नियमावली के तहत जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म की सूचना 21 दिन के भीतर देना अनिवार्य होगा। इसके बाद विलंबित पंजीकरण के लिए अलग-अलग शुल्क और अनुमति का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर को भी कानूनी मान्यता दी गई है और जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र इलेक्ट्रॉनिक या अन्य माध्यम से जारी किए जाएंगे। अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य जन्म और मृत्यु संबंधी अभिलेखों को अधिक विश्वसनीय बनाना है, ताकि नागरिकों को शिक्षा, आधार, पासपोर्ट, उत्तराधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









