इंडोनेशिया में दबोचा गया पंजाब का गैंगस्टर: गोरखपुर के फर्जी पते पर बना था पासपोर्ट, 25 से अधिक केस हैं दर्ज

पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के गोरखपुर के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश फरार होने का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इंडोनेशिया से गिरफ्तारी के बाद भारत लाए गए आरोपी के मामले में अब पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है। जांच का केंद्र गोरखनाथ थाना क्षेत्र का वह पता है, जिसके आधार पर पासपोर्ट जारी किया गया था।
पुलिस पासपोर्ट आवेदन, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों का मिलान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी को फर्जी पता किसने उपलब्ध कराया? आवश्यक दस्तावेज किसने तैयार किए और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किन लोगों की भूमिका रही? किसी स्तर पर मिलीभगत सामने आने पर संबंधित सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुराने मामलों को भी खंगाल रही एजेंसियां
जांच अब केवल इस एक पासपोर्ट तक सीमित नहीं है। एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों में फर्जी पते के आधार पर जारी हुए संदिग्ध पासपोर्टों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यही नेटवर्क दूसरे राज्यों के लोगों के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र और पासपोर्ट तैयार करने का काम तो नहीं कर रहा था। समान तरीके का इस्तेमाल मिलने पर पूरे गिरोह के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 'ऑपरेशन नोमैड हंट' के तहत इंडोनेशिया से अरेस्ट कर भारत लाया है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध समेत 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अमृतसर की होमलैंड हाइट्स सोसायटी में हुई फायरिंग के मामले में भी वह आरोपी है और उसकी गिरफ्तारी पर पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर विदेश भागने में मदद करने वालों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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