संतकबीरनगर के आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: सूर्य के चारों ओर बना इंद्रधनुषी घेरा, ‘22 डिग्री सर्कुलर हलो’ ने बढ़ाई जिज्ञासा

संतकबीरनगर में शुक्रवार सुबह आसमान में दिखे दुर्लभ खगोलीय नजारे ने लोगों को हैरान कर दिया। करीब 11:30 बजे सूर्य के चारों ओर बना विशाल गोलाकार घेरा लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया। जिले के कई इलाकों में लोगों ने घरों की छतों और खुले स्थानों से इस अद्भुत दृश्य को देखा और मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। कुछ देर तक आसमान में दिखाई देने वाला यह चमकदार घेरा लोगों के लिए किसी प्राकृतिक चमत्कार से कम नहीं था। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे ‘22 डिग्री सर्कुलर हलो’ बताया है। इसे मौसम परिवर्तन तथा संभावित बारिश का संकेत माना है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक यूनिवर्सिटी कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने इस खगोलीय घटना की वैज्ञानिक व्याख्या की। उन्होंने बताया कि सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह गोलाकार घेरा ‘22 डिग्री सर्कुलर हलो’ कहलाता है। उन्होंने बताया कि जब सूर्य की किरणें धरती से लगभग पांच से दस किलोमीटर ऊपर मौजूद षट्कोणीय बर्फ क्रिस्टलों से होकर गुजरती हैं, तो प्रकाश का अपवर्तन और परावर्तन होता है। इसी प्रक्रिया के कारण सूर्य के चारों ओर लाल और नीले रंग का घेरा दिखाई देता है। वैज्ञानिक भाषा में इस घटना को ‘हलो फेनोमेना’ कहा जाता है। डॉ. मिश्रा के अनुसार यह घटना सामान्य तौर पर मार्च और अप्रैल के दौरान अधिक देखने को मिलती है। वातावरण में नमी और ऊपरी वायुमंडल की विशेष परिस्थितियों के कारण अन्य महीनों में भी इसका निर्माण हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य मौसम में बदलाव का संकेत देता है। अक्सर बारिश, तेज हवाओं या आंधी-तूफान से पहले या बाद में दिखाई देता है।
मौसम विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मेट्रोलॉजिस्ट ने लोगों को सीधे सूर्य की ओर न देखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सीधे सूर्य को देखने से आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि लोग इस प्राकृतिक घटना का आनंद लें। साथ ही सुरक्षा का भी ध्यान रखें। इस अनोखे दृश्य ने जिले में मौसम और खगोल विज्ञान को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे प्रकृति का अद्भुत संदेश बताया, वहीं मौसम वैज्ञानिक इसे आने वाले दिनों में मौसम परिवर्तन और संभावित बारिश का संकेत मान रहे हैं।
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