संतकबीरनगर में रेलवे ठेकेदार समेत दो पर केस: दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से हुई थी मौत, बिना सुरक्षा मानक खुदाई कराने का आरोप

मेंहदावल थाना क्षेत्र के परसा पांडेय गांव में निर्माणाधीन रेलवे लाइन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबकर दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने रेलवे ठेकेदार और मत्स्य पालक समिति के सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई मृतक बच्चों के पिता की तहरीर पर की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुसौना खुर्द निवासी परविंद कुमार ने तहरीर में बताया कि उनका सात वर्षीय पुत्र प्रभास और उसका साथी कुनाल शुक्रवार शाम करीब चार बजे शौच के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान दोनों बच्चे परसा पांडेय गांव के पास निर्माणाधीन रेलवे लाइन तक पहुंच गए। वहां रेलवे परियोजना के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था। गहराई का अनुमान न लगने के कारण दोनों बच्चे उसमें डूब गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल ले गए। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी प्रकार की घेराबंदी की गई थी और न ही चेतावनी संबंधी कोई बोर्ड लगाया गया था। परविंद कुमार का कहना है कि ग्रामीण पहले भी अवैध मिट्टी खनन और मानक से अधिक खुदाई का विरोध कर चुके थे, लेकिन इसके बावजूद कार्य जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मत्स्य पालक समिति के सचिव महेश निषाद और राजस्थान की कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार मोहन चौधरी की मिलीभगत से बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए खुदाई कराई गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
मेंहदावल के एसओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









