संतकबीरनगर में पेंशन महाघोटाला: 215 मुर्दे भी ले रहे थे सरकारी पैसा, घर-घर जांच में हुआ खुलासा

संतकबीरनगर|1 घंटा पहले
215 मुर्दे भी ले रहे थे सरकारी पैसा, घर-घर जांच में हुआ खुलासा

समाज कल्याण विभाग के पेंशन सत्यापन अभियान में बड़ी अनियमितता सामने आई है। मेंहदावल विकासखंड की ग्राम पंचायतों में किए गए सत्यापन के दौरान 215 ऐसे पेंशनधारकों की पहचान हुई, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। लेकिन उनके नाम पर पेंशन का भुगतान जारी था। विभाग ने तत्काल प्रभाव से सभी मृत लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी है। पूरी रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दी है।

मेंहदावल विकासखंड की 71 ग्राम पंचायतों में कुल 11,643 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे थे। इनमें 8,003 वृद्धावस्था पेंशन, 2,906 निराश्रित महिला पेंशन और 734 दिव्यांग पेंशन के लाभार्थी शामिल हैं। शासन के निर्देश पर मई और जून में ग्राम पंचायत सचिवों ने घर-घर जाकर लाभार्थियों का सत्यापन किया। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने एक समिति गठित कर दोबारा विस्तृत जांच कराई।

60 से अधिक ग्राम पंचायतों में मिली अनियमितता

दूसरे चरण के सत्यापन में विकासखंड की 60 से अधिक ग्राम पंचायतों में 215 ऐसे लाभार्थी मिले, जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके नाम पर पेंशन जारी थी। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में मृतकों के बैंक खातों में नियमित रूप से पेंशन की राशि भेजी जा रही थी। वहीं, कुछ लाभार्थियों की पहचान मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद विभागीय जांच के दौरान हुई।

शासन को भेजी गई रिपोर्ट

समाज कल्याण विभाग ने मृत पाए गए सभी 215 लाभार्थियों की सूची तैयार कर उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी है। एडीओ समाज कल्याण गोरखनाथ राय ने बताया कि शासन और जिला प्रशासन के निर्देश पर कराए गए सत्यापन में यह अनियमितता सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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