बाल मृत्यु रिपोर्टिंग में लापरवाही पर डीएम सख्त: छह ब्लॉकों के बीसीपीएम से मांगा जवाब, शत-प्रतिशत प्रसव ट्रैकिंग के निर्देश

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान बाल मृत्यु रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। डीएम ने एमपीसीडीएसआर पोर्टल पर बाल मृत्यु की कम रिपोर्टिंग को गंभीर खामी माना है। उन्होंने छह ब्लॉकों के बीसीपीएम से स्पष्टीकरण तलब किया है। प्रशासन ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी प्रणाली में बड़ी चूक बताया है।
बैठक में बघौली, बेलहरकला, नाथनगर, मेंहदावल, सांथा और पौली ब्लॉकों के बीसीपीएम से बाल मृत्यु रिपोर्टिंग में कमी पर स्पष्ट जवाब मांगा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि डेटा की सटीकता और समयबद्ध रिपोर्टिंग स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्तर पर निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संस्थागत प्रसव और टीकाकरण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने जिले में संस्थागत प्रसव के घटते आंकड़ों पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को शत-प्रतिशत प्रसव ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी और घरेलू प्रसवों की निगरानी कर उन्हें संस्थागत प्रणाली से जोड़ने पर जोर दिया है। साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण, कुपोषण की जांच और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सतत समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गर्मी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस
बैठक में हीट वेव और लू से बचाव के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान, एचबीएनसी एवं एचबीवाईसी कार्यक्रमों की प्रगति में तेजी लाने तथा आभा आईडी और आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
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