अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस की रेड: चार घंटे चली तलाशी, पीए की तलाश में पहुंची थी पुलिस

9 घंटे पहले
चार घंटे चली तलाशी, पीए की तलाश में पहुंची थी पुलिस

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई। तृणमूल कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर कोलकाता पुलिस ने छापेमारी की। तड़के करीब तीन बजे पुलिस की एक टीम केंद्रीय बलों के जवानों के साथ आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई लगभग चार घंटे तक चली। पुलिस अधिकारियों ने घर के विभिन्न हिस्सों की जांच की। जबकि केंद्रीय बलों के जवान बाहर सुरक्षा घेरे में तैनात रहे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश में की गई। सुमित रॉय के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में जांच चल रही है। वे लंबे समय से पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनका मोबाइल फोन आखिरी बार कालीघाट स्थित आवास के आसपास सक्रिय पाया गया था। जिसके आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया।

अभिषेक ने लगाए गंभीर आरोप

छापेमारी के बाद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी ताला तोड़कर घर में दाखिल हुए। बिना पूर्व सूचना के सभी कमरों की तलाशी ली। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई करार दिया। गौरतलब है कि हाल के दिनों में कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर भी अभिषेक बनर्जी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।

टीएमसी ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। पार्टी की सांसद सागरिका घोष ने दावा किया कि कई घंटों की तलाशी के बावजूद पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाइयां की जा रही हैं। घटना के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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