सस्ता होम लोन का मौका: 7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा कर्ज, घर खरीदना हुआ आसान

अगर आप घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। देश के कई बड़े बैंक इस समय होम लोन पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। कुछ बैंकों में यह दर 7.50% से भी कम है, जिससे ग्राहकों की ईएमआई का बोझ कम हो सकता है। बैंक ऑफ इंडिया होम लोन पर करीब 7.10% से 7.80% के बीच ब्याज दर ऑफर कर रहा है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शुरुआती दर 7.25% के आसपास है। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और पंजाब नेशनल बैंक भी प्रतिस्पर्धी दरों पर लोन दे रहे हैं। बैंकों के बीच यह प्रतिस्पर्धा ग्राहकों के लिए बेहतर डील लेकर आ रही है।
वर्तमान समय में ज्यादातर बड़े बैंक 7.10% से 8% के बीच होम लोन दे रहे हैं। हालांकि यह दर सभी के लिए समान नहीं होती। यह आपके सिबिल स्कोर, इनकम, लोन अमाउंट और जॉब प्रोफाइल पर निर्भर करती है। जिन ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है, उन्हें कम ब्याज दर पर लोन मिल जाता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह दरें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन आने वाले समय में इनमें बदलाव संभव है। इसलिए अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो सही समय पर सही बैंक चुनना जरूरी है।
होम लोन लेते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
होम लोन लेना एक बड़ा फाइनेंशियल डिसीजन होता है। इसमें छोटी-छोटी गलतियां भविष्य में भारी पड़ सकती हैं। इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
- प्री-पेमेंट पेनल्टी की जानकारी लें। कई बैंक समय से पहले लोन चुकाने पर चार्ज लेते हैं। इससे आपकी सेविंग कम हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले यह कंडीशन जरूर समझ लें।
- अपना सिबिल स्कोर अच्छा रखें। 700 या उससे ज्यादा का स्कोर आपको बेहतर ब्याज दर दिला सकता है। खराब स्कोर होने पर बैंक ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं या लोन रिजेक्ट भी कर सकते हैं।
- अलग-अलग बैंकों के ऑफर्स जरूर तुलना करें। हर बैंक समय-समय पर अलग स्कीम और डिस्काउंट देता है। सही तुलना करने से आप हजारों रुपए बचा सकते हैं।
लंबी अवधि बनाम छोटी अवधि
अक्सर लोग ईएमआई कम रखने के लिए लंबी अवधि का लोन चुनते हैं। इससे हर महीने का बोझ तो कम हो जाता है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ता है। अगर आप 20-25 साल की अवधि चुनते हैं, तो ईएमआई कम होगी, लेकिन कुल भुगतान काफी ज्यादा हो जाएगा। वहीं 10-15 साल की अवधि में ईएमआई ज्यादा होगी, लेकिन ब्याज कम देना पड़ेगा। इसलिए अपनी इनकम और खर्च को देखते हुए संतुलित अवधि चुनना बेहतर रहता है।
बाजार में क्यों बढ़ी प्रतिस्पर्धा
बैंकों के बीच होम लोन को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। इसका कारण है रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी और ग्राहकों की बढ़ती डिमांड। बैंक ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करना चाहते हैं, इसलिए वे कम ब्याज दर और बेहतर ऑफर्स दे रहे हैं। इसके अलावा डिजिटल प्रोसेस और तेजी से अप्रूवल की सुविधा भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। कई बैंक अब ऑनलाइन ही लोन अप्रूवल और डिस्बर्सल की सुविधा दे रहे हैं।
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