क्विक कॉमर्स में बड़ा दांव: 100 शहरों में उतरेगी अमेजन, प्रतिस्पर्धियों के शेयरों में गिरावट

भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स मार्केट में अब एक और बड़ा मुकाबला देखने को मिलने वाला है। अमेजन ने अपनी क्विक डिलीवरी सर्विस ‘अमेजन नाउ’ को देश के 100 शहरों तक विस्तार देने का बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी का यह कदम सीधे तौर पर मौजूदा खिलाड़ियों के लिए चुनौती बनकर सामने आया है। इस खबर का असर तुरंत शेयर बाजार में भी देखने को मिला।
अमेजन के इस ऐलान के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया साफ दिखी। जोमौटो की पेरेंट कंपनी इटरनल के शेयरों में गिरावट आई। एनएसई पर इसका स्टॉक करीब 3.47% टूटकर 246.63 रुपए के इंट्राडे लो पर पहुंच गया। वहीं स्विगी के शेयर भी दबाव में रहे। इसमें लगभग 2.78% की गिरावट दर्ज की गई और कीमत 278.25 रुपए तक आ गई। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेजन के एंट्री एक्सपेंशन से इन कंपनियों के मार्जिन और ग्रोथ पर दबाव बढ़ सकता है।
100 शहरों तक विस्तार की तैयारी
अभी ‘अमेजन नाउ’ सर्विस केवल दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में ही उपलब्ध है। लेकिन अब कंपनी इसे तेजी से विस्तार देने जा रही है। इस प्लान के तहत पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, कानपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में सर्विस शुरू की जाएगी। हालांकि कंपनी ने अभी सटीक टाइमलाइन नहीं दी है, लेकिन विस्तार की गति तेज रहने के संकेत हैं।
1,000 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर बनेंगे
इस विस्तार के लिए अमेजन बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। कंपनी 1,000 से ज्यादा माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित करेगी। ये छोटे-छोटे वेयरहाउस होंगे, जो शहरों के भीतर ही मौजूद रहेंगे। इनका मकसद है 10 से 30 मिनट के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित करना। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और डिलीवरी स्पीड बढ़ेगी। यह मॉडल पहले से ही क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अपनाया जा रहा है।
किसानों को भी मिलेगा फायदा
अमेजन इंडिया के मुताबिक इस विस्तार से सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव आएगा। करीब 16,000 किसान सीधे प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे। वे अपने ताजा उत्पाद सीधे ग्राहकों तक बेच पाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी। किसानों की आय बढ़ने की संभावना भी बनेगी। कंपनी टेक्नोलॉजी के जरिए सप्लाई को ज्यादा स्मार्ट बनाने पर जोर दे रही है।
क्या होता है क्विक कॉमर्स
क्विक कॉमर्स एक ऐसा मॉडल है जिसमें 10 से 30 मिनट के भीतर ग्रॉसरी और जरूरी सामान की डिलीवरी की जाती है। भारत में यह सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में पहले से ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। अब अमेजन के आक्रामक विस्तार से प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है।
इटरनल के नतीजों पर नजर
इसी बीच इटरनल अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी का मुनाफा 191 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है जो पिछली तिमाही के 102 करोड़ रुपए से काफी ज्यादा है। रेवेन्यू में भी ग्रोथ की उम्मीद है। फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दोनों सेगमेंट मजबूत प्रदर्शन दिखा सकते हैं। खासतौर पर ब्लिंकिट के ऑर्डर वैल्यू में तेज बढ़त का अनुमान है।
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