अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा: मई महीने के लास्ट में EPFO ला रहा बड़ा डिजिटल बदलाव, 7.8 करोड़ खाताधारकों को मिलेगा फायदा

09 मई 2026
मई महीने के लास्ट में EPFO ला रहा बड़ा डिजिटल बदलाव, 7.8 करोड़ खाताधारकों को मिलेगा फायदा

देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। EPFO अब PF निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाने जा रहा है। EPFO 3.0 के तहत इसी महीने के अंत तक ATM और UPI के जरिए PF का पैसा निकालने की सुविधा शुरू हो सकती है। इस नई व्यवस्था का फायदा देश के करीब 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि अब कर्मचारियों को PF निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार का दावा है कि नया सिस्टम आने के बाद PF से जुड़ी सेवाएं पहले से ज्यादा तेज, आसान और यूजर फ्रेंडली हो जाएंगी।

EPFO 3.0 को PF सिस्टम का सबसे बड़ा डिजिटल अपग्रेड माना जा रहा है। अभी तक PF निकालने के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता था। बैंक डिटेल, पासबुक, चेक और कई दस्तावेज अपलोड करने पड़ते थे। इसके बाद सात से 20 दिन तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन नए सिस्टम में यह पूरा प्रोसेस काफी आसान होने जा रहा है। EPFO अब ऑटो-क्लेम सेटलमेंट पर जोर दे रहा है। इसके तहत पांच लाख रुपए तक के क्लेम ऑटोमैटिक तरीके से मंजूर किए जा सकेंगे। इससे पैसा दो से पांच दिन के भीतर खाते में पहुंच जाएगा। आधार वेरिफाइड अकाउंट वालों को अब चेक या पासबुक अपलोड करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

ATM और UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा

नई व्यवस्था में EPFO अपने सदस्यों को एक खास ATM कार्ड जारी करेगा। यह कार्ड सीधे PF अकाउंट से लिंक रहेगा। इसके जरिए खाताधारक ATM मशीन से जरूरत के समय पैसा निकाल सकेंगे। ठीक वैसे ही जैसे डेबिट कार्ड से कैश निकाला जाता है। इसके अलावा UPI प्लेटफॉर्म जैसे PhonePe, Google Pay और दूसरे ऐप्स के जरिए भी PF राशि ट्रांसफर की जा सकेगी। शुरुआती चरण में एक लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर की सुविधा मिल सकती है। इससे इमरजेंसी में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

निकासी के लिए क्या होंगी जरूरी शर्तें

हालांकि ATM और UPI से PF निकालने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। सबसे जरूरी है कि कर्मचारी का UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना चाहिए। साथ ही आधार, PAN और बैंक अकाउंट पूरी तरह लिंक होना जरूरी रहेगा। बिना KYC पूरा किए नई सुविधा का लाभ नहीं मिल पाएगा। EPFO निकासी की सीमा भी तय करने जा रहा है। फिलहाल जानकारी के मुताबिक खाताधारक अपने PF बैलेंस का अधिकतम 50 प्रतिशत ही ATM या UPI के जरिए निकाल सकेंगे। हालांकि बेरोजगारी जैसी विशेष स्थिति में पुराने नियम लागू रहेंगे, जिनके तहत नौकरी छूटने के एक महीने बाद 75 प्रतिशत तक राशि निकाली जा सकती है।

नौकरी बदलने वालों को सबसे ज्यादा राहत

EPFO 3.0 का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जो बार-बार नौकरी बदलते हैं। अभी तक नई नौकरी मिलने पर PF ट्रांसफर के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। कई बार कंपनी की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन नए सिस्टम में PF बैलेंस ऑटोमैटिक तरीके से पुराने अकाउंट से नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की निर्भरता कंपनियों पर कम होगी। KYC अपडेट और क्लेम प्रोसेस में भी एम्प्लॉयर की भूमिका लगभग खत्म कर दी जाएगी।

कम होंगी कैटेगरी, आसान होगा सिस्टम

EPFO ने PF निकासी की पुरानी 13 जटिल कैटेगरी को घटाकर सिर्फ तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी की है। इसमें जरूरी जरूरतें, आवास और विशेष परिस्थितियां शामिल होंगी। बीमारी, शादी और पढ़ाई जैसी जरूरतें पहली कैटेगरी में आएंगी। घर खरीदने या लोन चुकाने के लिए अलग श्रेणी होगी। वहीं बेरोजगारी और रिटायरमेंट जैसी स्थितियों के लिए तीसरी कैटेगरी बनाई जाएगी। इससे क्लेम रिजेक्शन कम होगा और प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी।

एक्सपर्ट बोले- जरूरत पर ही निकालें PF

एक्सपर्ट का कहना है कि PF सिर्फ सेविंग नहीं बल्कि रिटायरमेंट सिक्योरिटी का सबसे मजबूत आधार है। इसमें कंपाउंड इंटरेस्ट के जरिए लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार होता है। इसलिए बार-बार निकासी करना भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। हालांकि इमरजेंसी और जरूरत के समय नई डिजिटल सुविधा लोगों के काफी काम आएगी। EPFO का यह नया कदम देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव माना जा रहा है।

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