शेयर बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी: सेंसेक्स 505 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,354 पर बंद, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर सतर्क

अमेरिका-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद और मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 505 अंकों की तेजी के साथ ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 24,354 के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह तेजी का रुख बना रहा।
कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1.5% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एफएमसीजी सेक्टर में लगभग 2% की तेजी रही। निफ्टी में एचयूएल, नेस्ले, जेएसडब्लू स्टील, पावर ग्रिड कॉर्प और अपोलो हॉस्पिटल्स बढ़त वाले शेयर में शामिल रहे। जबकि विप्रो, एचडीएफसी लाइफ, सन फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एम एंड एम के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि गुरुवार को बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 122.56 अंक (0.16%) गिरकर 77,988.68 पर और निफ्टी 34.55 अंक (0.14%) फिसलकर 24,196.75 पर बंद हुआ था।
ग्लोबल मार्केट का असर
वैश्विक स्तर पर निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर सतर्क बने हुए हैं। एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई- जापान का निक्की 225 0.7% और टापिक्स 0.62% गिरा। दक्षिण कोरिया के कोसपी और कोसदक में भी दबाव रहा।
कॉर्पोरेट अपडेट्स
विप्रो का चौथी तिमाही का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% घटकर 3,502 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व 8% बढ़कर 24,236 करोड़ रुपये पहुंचा। कंपनी ने 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक को भी मंजूरी दी है। एंजेल वन ने मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 84% बढ़कर 320 करोड़ रुपये हो गया।
निवेश और उद्योग से जुड़ी बड़ी खबर
आंध्र प्रदेश सरकार ने एनपीएसपीएल स्पेसलिटी केमिकल्स की 2,550 करोड़ रुपये की कैथोड मटेरियल परियोजना को मंजूरी दी है। चित्तूर जिले में स्थापित होने वाला यह प्लांट लिथियम-आयन बैटरियों में उपयोग होने वाले प्रमुख घटकों का उत्पादन करेगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
बाजार पूंजीकरण में रिकवरी
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह स्तर अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव से पहले का है। हालिया गिरावट के दौरान यह आंकड़ा करीब 4.37 ट्रिलियन डॉलर तक आ गया था जिससे अब 600 अरब डॉलर से अधिक की रिकवरी दर्ज की गई है।
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