इंफोसिस का शानदार क्यू4 रिजल्ट: मुनाफा 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़, 20 हजार फ्रेशर्स को हायर करने की योजना

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर 8,501 करोड़ रुपए पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 7,033 करोड़ रुपए था। बेहतर नतीजों के बावजूद बाजार में शेयर पर दबाव देखा गया। फिर भी कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं।
कंपनी की आय यानी रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू 13.38% बढ़कर 46,402 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 40,925 करोड़ रुपए था। रेवेन्यू का मतलब कंपनी की कुल कमाई से है। कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक और ग्लोबल डिमांड का इसमें बड़ा योगदान रहा है।
निवेशकों के लिए ₹25 डिविडेंड का ऐलान
इंफोसिस ने अपने शेयरहोल्डर्स को खुशखबरी दी है। कंपनी ने 25 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है। डिविडेंड यानी कंपनी अपने मुनाफे का हिस्सा निवेशकों के साथ बांटती है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। यह फैसला कंपनी के मजबूत कैश फ्लो को दर्शाता है।
रेवेन्यू गाइडेंस में भी सुधार
कंपनी ने आने वाले समय के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। एफवाई27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस 1.5% से 3.5% तय किया गया है। गाइडेंस का मतलब होता है कंपनी का भविष्य का अनुमान। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी को आगे भी अच्छे बिजनेस की उम्मीद है।
एट्रीशन रेट में गिरावट
आईटी सेक्टर में एट्रीशन रेट एक अहम फैक्टर होता है। इंफोसिस का एट्रीशन रेट घटकर 12.6% हो गया है। पिछले साल यह 14.1% था। हालांकि तिमाही आधार पर इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही में करीब 8,440 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी है। कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या अब 3,28,594 है। इंफोसिस ने एफवाई27 में 20,000 फ्रेशर्स को हायर करने की योजना बनाई है।
शेयर में गिरावट
रिजल्ट से पहले कंपनी के शेयर में गिरावट देखी गई। शेयर करीब तीन% गिरकर 1,231.80 रुपए पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 2% गिरा है। छह महीने में 20% और इस साल अब तक 25% गिरावट दर्ज की गई है। एक साल में भी शेयर करीब 16% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 5.15 लाख करोड़ रुपए है।
कंपनी का इतिहास और लीडरशिप
इंफोसिस की शुरुआत 1981 में नारायण मूर्ति ने की थी। सिर्फ 250 डॉलर की पूंजी से कंपनी शुरू हुई थी। आज यह एक ग्लोबल आईटी लीडर बन चुकी है। कंपनी के सीईओ और एमडी सलील पारेख हैं। यह कंपनी दुनियाभर में कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है।
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