मार्केट में गिरावट का दिन: सेंसेक्स 417 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला, बैंकिंग-ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली

28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 417 अंकों यानी 0.54% की गिरावट के साथ 76,887 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 97 अंक यानी 0.40% टूटकर 23,996 के स्तर पर आ गया। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार दबाव में रहा। शुरुआत से ही बिकवाली हावी रही। निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आया। ग्लोबल संकेत भी ज्यादा सपोर्टिव नहीं रहे।
आज के ट्रेडिंग सेशन में बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी बैंक में तेज गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। बड़े-बड़े स्टॉक्स में कमजोरी दिखी। निवेशकों ने मुनाफावसूली की रणनीति अपनाई। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हालिया तेजी के बाद यह गिरावट एक तरह का करेक्शन भी माना जा रहा है। कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर प्रॉफिट बुक किया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्का दबाव देखने को मिला। हालांकि गिरावट बहुत तेज नहीं थी, लेकिन पूरे बाजार में निगेटिव टोन बना रहा।
क्रूड ऑयल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह तेजी अचानक आई है। इसकी बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल सप्लाई रूट्स में से एक है। अगर यहां किसी तरह की बाधा आती है तो सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया है। तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है। कंपनियों के लागत खर्च में इजाफा होता है। यही वजह है कि शेयर बाजार में निवेशकों का मूड थोड़ा डिफेंसिव हो गया।
पिछले सत्र में बाजार में थी तेजी
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले यानी 27 अप्रैल को बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। बीएसई सेंसेक्स 639 अंकों की बढ़त के साथ 77,304 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 भी 195 अंक चढ़कर 24,093 के स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन आज का सेशन पूरी तरह अलग रहा। बाजार ने पिछले दिन की तेजी को बरकरार नहीं रखा। यह दिखाता है कि मौजूदा समय में मार्केट काफी वोलाटाइल बना हुआ है। छोटे-छोटे ग्लोबल फैक्टर्स भी बाजार की दिशा बदल रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
आज की गिरावट से यह साफ है कि बाजार अभी भी अनिश्चितता के दौर में है। ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और सेक्टर-विशेष दबाव बाजार की चाल तय कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए। लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को अवसर के रूप में देख सकते हैं। वहीं शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को वोलाटिलिटी का ध्यान रखना जरूरी है।
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