शेयर बाजार में तूफानी तेजी: सेंसेक्स 941 अंक उछला, निफ्टी 24,331 पर बंद; फार्मा और बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। कारोबारी सत्र खत्म होने तक सेंसेक्स 941 अंक चढ़कर 77,959 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 298 अंक की मजबूती के साथ 24,331 पर बंद हुआ। बाजार में आई इस बड़ी तेजी से निवेशकों के चेहरे खिल उठे। फार्मा, सरकारी बैंकिंग, ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। ऑटो, बैंकिंग, फार्मा और रियल्टी सेक्टर में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू बाजार में भी पॉजिटिव माहौल बना।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से राहत
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद रही। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर सकारात्मक खबरों ने ग्लोबल निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से शांति समझौते के संकेत दिए जाने के बाद दुनियाभर के बाजारों में तेजी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर तनाव कम हुआ तो वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
100 डॉलर से नीचे आया कच्चा तेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। दिन की शुरुआत में इसकी कीमत 108 डॉलर के ऊपर थी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत की खबर है। इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की खबर से बाजार में राहत
ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही शुरू करने के संकेत मिलने के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। पिछले कई हफ्तों से यहां तनाव बना हुआ था, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई थी। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से बाजार में खरीदारी बढ़ी है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट
भारतीय बाजार को ग्लोबल मार्केट्स से भी मजबूत सपोर्ट मिला। अमेरिकी बाजारों में S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। वहीं एशियाई बाजारों में भी तेजी रही। निक्केई, कोस्पी और हैंगसेंग में मजबूती देखने को मिली। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
NSE की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
डेरिवेटिव मार्केट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE की पकड़ और मजबूत हुई है। इंडेक्स ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी जनवरी के 66.7 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 72.1 प्रतिशत तक पहुंच गई। कुल F&O प्रीमियम टर्नओवर में इसकी हिस्सेदारी 86.8 प्रतिशत रही। यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निवेशकों का रुझान तेजी से डेरिवेटिव ट्रेडिंग की ओर बढ़ रहा है।
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