होर्मुज संकट के बीच अमेरिका का बड़ा कदम: जब्त ईरानी जहाज पाकिस्तान को सौंपा, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत

04 मई 2026
जब्त ईरानी जहाज पाकिस्तान को सौंपा, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी सेना ने जब्त किए गए ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया है। अब इस जहाज को उसके क्रू के साथ वापस ईरान भेजा जाएगा। यह जानकारी यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने दी। इस कदम को कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

अमेरिका ने 21 अप्रैल को इस जहाज को जब्त किया था। जहाज चीन से लौट रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि इसमें हथियार बनाने से जुड़ा सामान था। इस कार्रवाई पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उसने इसे समुद्री डकैती करार दिया था। अब जहाज की रिहाई को तनाव कम करने की कोशिश माना जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए नया ऑपरेशन शुरू करने की बात कही है। ट्रम्प ने बताया कि कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है। उनके जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये जहाज और उनके क्रू निर्दोष हैं। हालात की वजह से संकट में हैं। यह ऑपरेशन सोमवार सुबह से शुरू होगा।

ईरान की चेतावनी

अमेरिका के इस कदम पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के नेताओं ने चेतावनी दी है कि होर्मुज में किसी भी तरह की दखलअंदाजी को सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा। पूर्व कमांडर मोहसिन रजाई ने कहा कि यह क्षेत्र अमेरिकी सेना के लिए कब्रगाह बन सकता है। यह बयान क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।

जहाजों पर हमले और बढ़ता खतरा

होर्मुज स्ट्रेट में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। एक बड़े कार्गो जहाज पर छोटी नावों से हमला किया गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अब तक 49 व्यापारिक जहाज अपना रास्ता बदल चुके हैं। लगातार हमलों और घेराबंदी से समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है।

2,000 जहाज फंसे, वैश्विक संकट गहराया

इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन के अनुसार इस समय करीब 2,000 जहाज होर्मुज में फंसे हैं। इनमें तेल टैंकर, गैस कैरियर और मालवाहक जहाज शामिल हैं। करीब 20 हजार नाविक भी इन जहाजों पर फंसे हुए हैं। खाने-पीने और ईंधन की कमी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति अभूतपूर्व है।

तेल बाजार पर असर

इस संकट का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 4.45 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है। कुछ ही हफ्तों में कीमतों में बड़ा उछाल आया है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है।

एशिया-प्रशांत में चिंता, जापान-ऑस्ट्रेलिया सतर्क

जापान और ऑस्ट्रेलिया ने इस संकट पर चिंता जताई है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि होर्मुज का बंद होना इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर बड़ा असर डाल सकता है। दोनों देशों ने ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए मिलकर काम करने का फैसला किया है।

कूटनीतिक पहल: पाकिस्तान की मध्यस्थता

तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। अमेरिका को पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान की ओर से 14-पॉइंट प्रस्ताव मिला है। ट्रम्प प्रशासन इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। यह पहल क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में अहम हो सकती है।

नव्य जागरण

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