रूस-यूक्रेन युद्धविराम का ऐलान: विक्ट्री डे से पहले ठहराव, मॉस्को परेड में नहीं दिखेंगे भारी हथियार

रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे युद्ध के बीच एक अहम मोड़ सामने आया है। नौ मई को होने वाले विक्ट्री डे से ठीक पहले दोनों देशों ने अलग-अलग समय पर युद्धविराम का ऐलान किया है। रूस ने शुक्रवार और शनिवार के लिए सीजफायर घोषित किया है, जबकि यूक्रेन ने बुधवार रात 12 बजे से युद्ध रोकने की बात कही है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब युद्ध लगातार तेज होता जा रहा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपील बढ़ रही थी।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह युद्धविराम द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की 81वीं वर्षगांठ के मौके पर लिया गया है। नौ मई को रूस में विक्ट्री डे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन देश की सैन्य शक्ति और राष्ट्रवाद का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस बार माहौल अलग है। युद्ध के चलते सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी वजह से यह अस्थायी युद्धविराम घोषित किया गया है। लेकिन रूस ने इसके साथ सख्त चेतावनी भी दी है। उसने कहा है कि अगर यूक्रेन ने इस दौरान किसी भी तरह की बाधा डालने की कोशिश की, तो राजधानी कीव पर बड़ा मिसाइल हमला किया जा सकता है। यह बयान इस बात का संकेत देता है कि युद्धविराम पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है और तनाव अभी भी बना हुआ है।
यूक्रेन का रुख: शांति भी, जवाब भी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश भी युद्धविराम का पालन करेगा। लेकिन उन्होंने साफ किया कि अगर रूस की ओर से कोई हमला होता है, तो उसका जवाब दिया जाएगा। यूक्रेन ने युद्धविराम की कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की है। इससे साफ है कि यह कदम पूरी तरह रणनीतिक है। जेलेंस्की का बयान दिखाता है कि यूक्रेन पूरी तरह सतर्क है। वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। इस रुख से यह भी संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अब भी बनी हुई है।
मॉस्को परेड में बड़ा बदलाव
इस बार मॉस्को में होने वाली विक्ट्री डे परेड में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। रेड स्क्वायर पर होने वाली इस परेड में भारी हथियार, टैंक और मिसाइल सिस्टम शामिल नहीं किए जाएंगे। यह पिछले करीब 20 सालों में पहली बार होगा, जब परेड इतनी सीमित होगी। इस फैसले के पीछे सुरक्षा कारण हैं। ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बड़े हथियारों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना जोखिम भरा माना जा रहा है। कई अन्य शहरों में भी परेड को सीमित या रद्द किया जा रहा है।
सुरक्षा अलर्ट और चेतावनियां
रूस ने राजधानी कीव में रह रहे लोगों और विदेशी दूतावासों को भी चेतावनी दी है। उनसे शहर छोड़ने के लिए कहा गया है। यह चेतावनी संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए दी गई है। इससे पहले भी कई बार इस तरह के अलर्ट जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब युद्धविराम की कोशिश की गई है। इससे पहले भी कई बार सीजफायर घोषित हुए, लेकिन ज्यादातर बार उनका ज्यादा असर नहीं दिखा। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
क्या शांति की ओर बढ़ेगा कदम?
इस बार का युद्धविराम प्रतीकात्मक भी है और रणनीतिक भी। विक्ट्री डे जैसे बड़े आयोजन के दौरान यह फैसला लिया गया है। लेकिन हालात अभी भी नाजुक हैं। दोनों देशों के बीच अविश्वास गहरा है। छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़े टकराव में बदल सकते हैं।
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