अमेरिका-ईरान तनाव फिर विस्फोटक : सीजफायर के बीच अमेरिकी का हमला, ट्रम्प की खुली धमकी

08 मई 2026
सीजफायर के बीच अमेरिकी का हमला, ट्रम्प की खुली धमकी

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब नए खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने सीजफायर तोड़ते हुए ओमान की खाड़ी में उसके तेल टैंकरों पर हमला किया। इस कार्रवाई के बाद तेहरान ने सीधे तौर पर जवाबी हमले की चेतावनी दी है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट में हजारों जहाज फंस गए हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन और तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ रहा है।

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट की तरफ बढ़ रहा था। ईरान ने कहा कि यह हमला सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ऐसी कार्रवाई जारी रखी तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरानी सेना ने कहा कि उनके सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं। खाड़ी क्षेत्र में नौसेना की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सैन्य दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। इस बयान के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।

ट्रम्प बोले- डील नहीं हुई तो हमला जारी रहेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को खुली चेतावनी दी। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए थे। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी छोटी नावों को तबाह कर दिया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर तेहरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता तो अमेरिका और भी बड़े हमले करेगा। व्हाइट हाउस के इस आक्रामक रुख ने हालात को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी नौसेना ने भी खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है। इससे युद्ध का खतरा और गहरा गया है।

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 1500 जहाज

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा कि होर्मुज संकट की वजह से करीब 1500 जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंस गए हैं। इन जहाजों पर लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं। तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई इंटरनेशनल कंपनियों ने अपने जहाजों का रूट बदलना शुरू कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में गिना जाता है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से को कच्चा तेल और गैस सप्लाई होती है। संकट बढ़ने के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्दी सामान्य नहीं हुए तो गरीब देशों में खाद्य संकट और गंभीर हो सकता है।

30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी भी जारी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों देश 30 दिन के अस्थायी सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इसी दौरान स्थायी समझौते पर भी बातचीत जारी रहेगी। हालांकि दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर इस प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। दुनिया की बड़ी ताकतें नहीं चाहतीं कि यह संघर्ष पूर्ण युद्ध में बदल जाए। ऐसे में आने वाले कुछ दिन पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष ने बढ़ाई चिंता

इधर, लेबनान सीमा पर इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी संघर्ष तेज हो गया है। इजराइल ने दावा किया कि उसने बेरूत में एयरस्ट्राइक कर हिजबुल्लाह के कई बड़े कमांडरों को मार गिराया। जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।

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