ईरान पर बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति पाकिस्तान रवाना: इस्लामाबाद में हाई अलर्ट, ईरानी जहाज को कब्जे में लेने से बढ़ा विवाद

20 अप्रैल 2026
इस्लामाबाद में हाई अलर्ट, ईरानी जहाज को कब्जे में लेने से बढ़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत के लिए पाकिस्तान रवाना हो गए हैं। बीबीसी की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वेंस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। ऐसे में यह दौरा अचानक और अहम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि यह दौरा ईरान के साथ संभावित बातचीत के लिए जमीन तैयार करने की कोशिश है लेकिन ईरान की भागीदारी अभी भी तय नहीं है।

इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई थी। इस वार्ता में जेडी वेंस ने अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया था। करीब 21 घंटे चली बातचीत के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसी वजह से यहां का तनाव वैश्विक स्तर पर असर डाल सकता है।

जहाज कब्जे में लेने से बढ़ा विवाद

हाल ही में अमेरिका ने चीन से आ रहे एक ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को कब्जे में ले लिया। इस कदम के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान ने इसे समुद्री डकैती करार दिया है। साथ ही जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी आ गई है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से दी गई सख्त चेतावनियों ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह दबाव में आने वाला नहीं है।

बातचीत पर सस्पेंस, समझौते की कोशिश

इस्लामाबाद में संभावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। ईरान ने कहा है कि अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां सीजफायर समझौते का उल्लंघन हैं। ऐसे में बातचीत की संभावना कमजोर लग रही है। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत कई दिनों तक चल सकती है। कोशिश यह है कि एक अस्थायी समझौता यानी एमओयू साइन हो जाए। इससे सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही 60 दिन का समय मिल सके, ताकि एक बड़ा शांति समझौता तैयार किया जा सके। लेकिन यह तभी संभव है जब ईरान इस बातचीत में शामिल हो।

ईरान का दावा- होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही

ईरान ने दावा किया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। मॉस्को में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने कहा कि नए नियम तैयार किए गए हैं। इन नियमों के तहत जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर सकेंगे। ईरान ने यह भी कहा कि उसने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। साथ ही यह भी दावा किया कि अमेरिका और इजराइल के दबाव के बावजूद देश में कोई राजनीतिक बदलाव नहीं हुआ है। बल्कि देश पहले से ज्यादा एकजुट हुआ है।

इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा

संभावित बातचीत को देखते हुए इस्लामाबाद में हाई अलर्ट जारी किया गया है। रेड जोन इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई अहम सरकारी दफ्तर मौजूद हैं। दो बड़े होटल सेरेना और मैरियट को खाली करा लिया गया है। पहले दौर की बातचीत सेरेना होटल में हुई थी। अब इन्हें दोबारा तैयार किया जा रहा है। शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। कई सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। सरकारी अधिकारियों को 20 अप्रैल को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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