चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट: 90 मजदूरों की मौत, 247 मजदूर खदान के अंदर कर रहे थे काम

56 मिनट पहले
90 मजदूरों की मौत, 247 मजदूर खदान के अंदर कर रहे थे काम

चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं कई श्रमिकों के अब भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा पिछले एक दशक में चीन का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है। विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार यह हादसा शुक्रवार को शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित खदान में हुआ। यह क्षेत्र राजधानी बीजिंग से करीब 520 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। बताया जा रहा है कि विस्फोट से पहले खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था। इसी के बाद अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया।

शुरुआती आंकड़ों पर उठे सवाल

हादसे के समय खदान के अंदर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती रिपोर्ट में केवल आठ मौतों की जानकारी दी थी और दावा किया था कि 200 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि कुछ घंटों बाद मृतकों की संख्या तेजी से बढ़कर 82 और फिर 90 तक पहुंच गई। आंकड़ों में अचानक हुए इस बदलाव को लेकर चीन की सरकारी एजेंसियों पर सवाल भी उठने लगे हैं। राहत और बचाव दल लगातार खदान के भीतर फंसे मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं। गैस रिसाव और मलबे के कारण अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और जांच एजेंसियों को मौके पर भेजा गया है।

जिनपिंग ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

हादसे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए बचाव एजेंसियों को हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लापता मजदूरों को खोजने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिनपिंग ने सभी सरकारी विभागों और स्थानीय प्रशासन को कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन में बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। इसलिए बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने स्टेट काउंसिल के सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह स्थानीय अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाए।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

चीन में पिछले कुछ वर्षों में खदान सुरक्षा नियमों को सख्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला उत्पादन बढ़ाने का दबाव और कई खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी ऐसे हादसों की बड़ी वजह है। इससे पहले फरवरी 2023 में इनर मंगोलिया की एक ओपनकास्ट खदान में हुए भूस्खलन में 53 मजदूरों की मौत हुई थी।

पीएम और डिप्टी पीएम ने घटनास्थल का किया दौरा

हादसे के बाद चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग और उपप्रधानमंत्री झांग गुओकिंग ने भी घटनास्थल का दौरा किया तथा राहत कार्यों की समीक्षा की। फिलहाल पूरे देश में खदान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस शुरू हो गई है।

नव्य जागरण

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