होर्मुज स्ट्रेट पर नया तनाव: ईरान-ओमान के टोल प्लान से बढ़ी दुनिया की चिंता, लेबनान पर इजराइल ने किया एयर स्ट्राइक

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूली को लेकर बातचीत चल रही है। इस बीच इजराइल ने लेबनान में मेडिकल सेंटर पर एयर स्ट्राइक की है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प NATO देशों के रवैये से नाराज बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ते घटनाक्रमों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की नई बनाई गई पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने होर्मुज स्ट्रेट के “मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया” की सीमा तय कर दी है। अथॉरिटी का कहना है कि अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को परमिट लेना पड़ सकता है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का नया शुल्क या प्रतिबंध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद ईरान ने कुछ समय के लिए कमर्शियल शिपिंग लगभग रोक दी थी। इससे तेल कीमतों में तेजी आई और कई देशों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई। इसके बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते से राजस्व कमाने के विकल्प तलाशने शुरू किए। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान सीधे टोल लगाने की बजाय “सर्विस फीस मॉडल” पर काम कर रहा है। जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और सुरक्षा सेवाओं के नाम पर रकम ली जा सकती है।
ओमान की एंट्री और अमेरिका का विरोध
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ओमान अब इस प्रस्ताव में आर्थिक फायदे देख रहा है। दोनों देशों के बीच संभावित हिस्सेदारी और प्रबंधन मॉडल पर बातचीत जारी है। ओमान इस योजना को खाड़ी देशों और अमेरिका के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ाना चाहता है। हालांकि अमेरिका ने इस मॉडल का खुलकर विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी तरह का टोल नहीं लगाया जाना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस प्रस्ताव को गलत बताया। उनका कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होगी।
लेबनान में मेडिकल सेंटर पर हमला
दक्षिण लेबनान में इजराइल ने मेडिकल सेंटर पर एयर स्ट्राइक की है। रिपोर्ट के मुताबिक हमला टायर डिस्ट्रिक्ट के हन्नाउइया इलाके में स्थित इस्लामिक हेल्थ अथॉरिटी सेंटर पर हुआ। एयर स्ट्राइक रात में की गई। हमले में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। दो पैरामेडिक्स घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है। इजराइली हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने इसे मानवीय संस्थानों पर हमला बताया है।
मलबे से 7200 लोगों को बचाने का दावा
ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी यानी IRCS ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के दौरान मलबे में दबे 7200 से ज्यादा लोगों को जिंदा निकाला गया। संगठन ने पहली बार रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो भी जारी किए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि कई शहरों में लगातार राहत और बचाव अभियान चलाए गए।
NATO देशों से ट्रम्प नाराज
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि ईरान युद्ध के दौरान NATO देशों का रवैया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद नहीं आया। उन्होंने खासतौर पर स्पेन का जिक्र किया। रूबियो के मुताबिक स्पेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी।रूबियो ने कहा कि अमेरिका NATO का हिस्सा इसलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर सहयोगी देशों के सैन्य बेस इस्तेमाल किए जा सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई देश अमेरिका को बेस इस्तेमाल नहीं करने देता, तो फिर NATO में उसकी भूमिका क्या है। ट्रम्प प्रशासन अब इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है।
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