ट्रम्प के अचानक व्हाइट हाउस लौटने से बढ़ी हलचल: ईरान पर नए हमले की आशंका तेज, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पश्चिम एशिया को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम रद्द कर अचानक व्हाइट हाउस लौटने का फैसला किया। जिसके बाद नए सैन्य अभियान की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी तक अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन और सेना के कई सीनियर अफसरों ने भी अपने अवकाश कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय सुरक्षा और सैन्य बैठकों का दौर जारी है। उधर, ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि वह “दुश्मन की किसी भी बेवकूफी” का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने सेना के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि तेहरान किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है।
व्हाइट हाउस की तरफ जाता हुआ ट्रम्प का काफिला
खाड़ी देशों ने ट्रम्प से युद्ध टालने की अपील की
तनावपूर्ण हालात के बीच सऊदी अरब, यूएई और कतर ने अमेरिका से संयम बरतने की अपील की है। इन देशों ने ट्रम्प प्रशासन से कहा है कि सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान तलाशा जाए, क्योंकि किसी भी बड़े संघर्ष का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा। वहीं यूरोपीय यूनियन भी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
तेहरान पहुंचे पाकिस्तान सेना प्रमुख
फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मिशन तैनात करने का प्रस्ताव रखा है। इसी बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने तनाव कम कराने को लेकर ईरानी नेतृत्व से बातचीत की। रिपोर्ट के अनुसार, कतर की एक विशेष टीम भी युद्धविराम और विवाद समाधान के प्रयासों के तहत तेहरान पहुंची है।
ईरान का सख्त संदेश
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाए-निक ने ट्रम्प प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका के पास ईरानी अधिकारों को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प पूरी तरह इजराइल के पक्ष में खड़े हैं और उनका रवैया अमेरिका को युद्ध के दलदल में धकेल सकता है। हालांकि तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें युद्ध रोकने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
होमुर्ज से जापान का तेल टैंकर पार
इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बावजूद जापान का एक तेल टैंकर सुरक्षित रूप से यह मार्ग पार कर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल मौजूद है। वैश्विक बाजार अब अमेरिका के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर नजर टिकाए हुए हैं।
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