मेटाबॉलिज्म धीमा होने से बिगड़ रही हेल्थ: फाइबर की कमी है डाइजेशन की दुश्मन, देर रात खाना खाने से बढ़ता है वजन

आधुनिक जीवनशैली और अनियमित खानपान की वजह से लोगों में पेट और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोजमर्रा की कुछ छोटी लेकिन लगातार दोहराई जाने वाली गलत आदतें धीरे-धीरे पाचन तंत्र को कमजोर कर रही हैं। शुरुआत में मामूली लगने वाली ये समस्याएं समय के साथ गैस, एसिडिटी, कब्ज, पेट दर्द और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या में सुधार नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार देर रात भोजन करना पाचन तंत्र के लिए सबसे नुकसानदायक आदतों में शामिल है। रात नौ बजे के बाद शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, जिससे खाना ठीक तरह से पच नहीं पाता। ऐसे में भोजन लंबे समय तक पेट में पड़ा रहता है और गैस, ब्लोटिंग, एसिड रिफ्लक्स तथा सीने में जलन जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। लगातार देर रात खाना खाने से वजन बढ़ने और नींद प्रभावित होने का खतरा भी बना रहता है।
मील स्किप करना और प्रोसेस्ड फूड बना बड़ी समस्या
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर भोजन न करना या बार-बार मील स्किप करना भी पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। जब पेट में एसिड बनता है और समय पर भोजन नहीं मिलता, तो यह पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करने लगता है। इससे गैस, ऐंठन और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से IBS जैसी बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा रोजाना प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड का सेवन भी गट हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहा है। चिप्स, नूडल्स, बिस्कुट और फास्ट फूड में प्रिजर्वेटिव और रिफाइंड तत्व अधिक होते हैं, जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को प्रभावित करते हैं। इससे पाचन क्षमता कमजोर होती है और शरीर में सूजन तथा मोटापे की समस्या बढ़ सकती है।
कम पानी और फाइबर की कमी से बढ़ रही कब्ज
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बनने लगती है, जिससे मल सख्त हो जाता है और कब्ज की समस्या पैदा होती है। लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर फिशर और बवासीर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं, डाइट में फाइबर की कमी पाचन तंत्र को कमजोर बना देती है। अगर भोजन में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज कम हों तो आंतों में वेस्ट मैटेरियल जमा होने लगता है। जिससे पेट दर्द और कब्ज बढ़ सकती है।
अनियमित नींद भी बन रही खतरे की वजह
डॉक्टरों के मुताबिक अनियमित और अधूरी नींद भी पाचन तंत्र पर सीधा असर डालती है। नींद पूरी न होने से शरीर की रिपेयर प्रक्रिया प्रभावित होती है और गट-ब्रेन एक्सिस असंतुलित हो जाता है। इससे पेट में सूजन, एसिडिटी और IBS जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, समय पर भोजन और नियमित नींद बेहद जरूरी है।
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