तेज धूप के तुरंत बाद एसी में बैठने की भूल: तापमान का यह अचानक बदलाव शरीर पर पड़ रहा भारी, धूल और एलर्जी से खुद को रखें सुरक्षित

गर्मी के मौसम में लोग आमतौर पर सर्दी-जुकाम की उम्मीद नहीं करते। लेकिन कई लोगों को इस मौसम में भी बार-बार छींक, नाक बहना, गले में खराश और सिर भारी रहने जैसी समस्याएं परेशान करती हैं। कई बार लोग इसे सामान्य कमजोरी या मौसम बदलने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि इसके पीछे शरीर की बदलती प्रतिक्रिया और रोजमर्रा की कुछ आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी में अचानक तापमान बदलना, ज्यादा ठंडी चीजें खाना और लंबे समय तक एसी में रहना शरीर पर असर डालता है। यही कारण है कि गर्मी में भी सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी बढ़ने लगती है।
तेज धूप से आने के तुरंत बाद एसी वाले कमरे में बैठना शरीर के लिए झटका जैसा साबित हो सकता है। बाहर का तापमान और कमरे की ठंडक में बड़ा अंतर शरीर को प्रभावित करता है। इससे शरीर का संतुलन बिगड़ता है और गला खराब होने लगता है। कई लोगों को सिर दर्द, नाक बंद होना और हल्का बुखार जैसी परेशानी भी महसूस होती है।
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बाहर से आने के बाद तुरंत तेज एसी में न बैठें। पहले शरीर को सामान्य तापमान में आने दें। बहुत ठंडा पानी पीने से भी बचना चाहिए। इससे गले पर अचानक असर पड़ता है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
एसी की ठंडी हवा भी बन रही कारण
गर्मी में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल लगातार बढ़ जाता है। हालांकि ज्यादा देर तक एसी में रहना गले और नाक की नमी कम कर सकता है। इससे गला सूखने लगता है। कई लोगों को सुबह उठते ही खराश और जुकाम महसूस होता है। लगातार ठंडी और सूखी हवा शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा को कमजोर कर सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखें। बहुत ठंडी हवा में लगातार बैठने से बचें। बीच-बीच में कमरे की खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने दें। साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें।
ज्यादा ठंडी चीजें खाना भी नुकसानदायक
गर्मी में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी लोगों की पहली पसंद बन जाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा ठंडी चीजें गले की समस्या बढ़ा सकती हैं। इससे गले की अंदरूनी परत प्रभावित होती है और जलन या खराश शुरू हो सकती है। लगातार ठंडी चीजें खाने से शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत भी कमजोर पड़ सकती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि बहुत ज्यादा ठंडे पेय सीधे फ्रिज से निकालकर नहीं पीने चाहिए। सामान्य तापमान का पानी शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ठंडी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है।
धूल और एलर्जी भी बड़ी वजह
गर्मी के मौसम में हवा में धूल और प्रदूषण बढ़ जाता है। यही वजह है कि एलर्जी की समस्या तेजी से बढ़ती है। धूल के छोटे कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर गले और नाक को प्रभावित करते हैं। इससे छींक, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी की शिकायत होती है, उनके लिए यह मौसम ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है।
बचाव के लिए बाहर निकलते समय मास्क पहनना फायदेमंद माना जाता है। घर लौटने के बाद हाथ और चेहरा अच्छी तरह साफ करना चाहिए। घर की नियमित सफाई भी जरूरी है ताकि धूल जमा न हो। एक्सपर्ट मानते हैं कि थोड़ी सावधानी और सही आदतों से गर्मियों में होने वाली सर्दी-जुकाम की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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