बेहतर रूटीन और पॉजिटिव सोच से दूर होगा तनाव: अच्छी नींद, योग से मजबूत होगी मेंटल हेल्थ, बुरे विचारों से रहें दूर

निवेदिता चंद|14 घंटे पहले
अच्छी नींद, योग से मजबूत होगी मेंटल हेल्थ, बुरे विचारों से रहें दूर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता तेजी से लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। लगातार बढ़ता काम का प्रेशर, कंपटीशन, आर्थिक चुनौतियां, सोशल मीडिया का प्रभाव और रिश्तों में बढ़ती जटिलताएं सीधे तौर पर लोगों की मानसिक सेहत को प्रभावित कर रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शारीरिक स्वास्थ्य जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण मानसिक रूप से मजबूत और संतुलित रहना भी है। अच्छी मेंटल हेल्थ न केवल व्यक्ति को सकारात्मक सोचने की क्षमता देती है, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है।

मेंटल हेल्थ स्पेशलिस्ट के अनुसार अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव, बेचैनी, उदासी या मानसिक थकान महसूस कर रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते सही आदतें अपनाने और जीवनशैली में सुधार करने से मानसिक स्वास्थ्य को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है। एक्सपर्ट्स ने ऐसे कई प्रभावी उपाय बताए हैं, जो मानसिक मजबूती बढ़ाने और तनाव कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

ध्यान और मेडिटेशन से मिलती है मेंटल पीस

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियमित ध्यान और मेडिटेशन मानसिक शांति पाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। रोजाना कुछ मिनट शांत वातावरण में बैठकर सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से दिमाग धीरे-धीरे शांत होने लगता है। इससे ओवरथिंकिंग कम होती है और तनाव से राहत मिलती है। मेडिटेशन फोकस बढ़ाने के साथ भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से मानसिक मजबूती विकसित होती है।

अच्छी नींद और एक्सरसाइज भी जरूरी

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में पर्याप्त नींद की भी अहम भूमिका होती है। डॉक्टरों के मुताबिक रोजाना सात से आठ घंटे की गहरी नींद दिमाग को आराम देती है और मानसिक थकान को कम करती है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, चिंता और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज और योग को भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। शारीरिक गतिविधियों से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं, जिन्हें ‘हैप्पी हार्मोन’ कहा जाता है। ये तनाव को कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

पॉजिटिव सोच और सोशल कनेक्शन का महत्व

मेंटल हेल्थ स्पेशलिस्ट का कहना है कि व्यक्ति के विचार उसकी मानसिक स्थिति को सीधे प्रभावित करते हैं। लगातार नकारात्मक सोच तनाव और चिंता को बढ़ा सकती है, जबकि सकारात्मक दृष्टिकोण मानसिक मजबूती को मजबूत करता है। छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करना, खुद को प्रेरित रखना और असफलताओं से सीखना मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना गया है। अपनी भावनाओं और समस्याओं को करीबी लोगों के साथ साझा करने से मन हल्का होता है और अकेलेपन की भावना कम होती है।

स्क्रीन टाइम कम करने और एक्सपर्ट की सलाह लेने पर जोर

एक्सपर्ट्स ने अत्यधिक मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल को भी मानसिक तनाव की बड़ी वजह बताया है। लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है और मानसिक थकान महसूस होती है। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स अपनाना और सीमित समय तक ही स्क्रीन का उपयोग करना फायदेमंद माना गया है। वहीं अगर तनाव और मानसिक परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो प्रोफेशनल मदद लेने की सलाह दी गई है। काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट से समय पर सलाह लेने से मानसिक समस्याओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकता है।

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