सही खान-पान से बीमारियों पर लग सकता है ब्रेक: गलत डाइट बढ़ा रही मोटापा, डाइट में हरी सब्जियों को करें शामिल

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की खान-पान की आदतें तेजी से बदल रही हैं। स्वाद और सुविधा की दौड़ में प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, तली-भुनी चीजें और पैकेट वाले स्नैक्स लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यही बदलती फूड हैबिट्स आने वाले समय में गंभीर बीमारियों की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं। खराब खान-पान के कारण कम उम्र में ही मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि लोग अपनी डाइट में थोड़ा सुधार कर लें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि थाली में पौष्टिक और संतुलित आहार शामिल किया जाए।
डायटीशियनों का मानना है कि हरी पत्तेदार सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। पालक, मेथी, सरसों और केल जैसी सब्जियों में आयरन, कैल्शियम, फोलेट और विटामिन ए, सी तथा के भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर तथा डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों के लिए हरी सब्जियां बेहद जरूरी मानी जाती हैं।
मौसमी फल और साबुत अनाज से मिलती है एनर्जी
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार मौसमी फल शरीर को प्राकृतिक पोषण और एनर्जी प्रदान करते हैं। सेब, केला, संतरा, पपीता, आम और आंवला जैसे फल विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। खासतौर पर विटामिन-सी युक्त फल इम्युनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही साबुत अनाज और मिलेट्स को भी सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। ओट्स, ब्राउन राइस, जौ और रागी जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देते हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साबुत अनाज बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक होते हैं।
नट्स और सीड्स बन रहे हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा
आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों में नट्स और सीड्स का चलन तेजी से बढ़ा है। बादाम, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ हेल्दी फैट, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियमित रूप से इनका सेवन करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है। अखरोट दिमाग की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, जबकि अलसी और चिया सीड्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें बढ़ा रहीं खतरा
दूसरी ओर डॉक्टर और डायटीशियन तली-भुनी चीजों, पैकेट वाले स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं। समोसा, फ्रेंच फ्राइज और बार-बार गर्म किए गए तेल में बनी चीजों में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जो हृदय रोग और मोटापे का जोखिम बढ़ाती है। चिप्स, नमकीन और पैकेट वाले स्नैक्स में अधिक नमक और आर्टिफिशियल फ्लेवर मौजूद होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड जूस में अत्यधिक चीनी होने के कारण मोटापा, फैटी लिवर और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सफेद ब्रेड, पेस्ट्री और मैदा से बनी चीजों की बजाय मल्टीग्रेन और होल व्हीट विकल्प अपनाना ज्यादा बेहतर है। सही खान-पान और संतुलित डाइट ही लंबे समय तक स्वस्थ जीवन की कुंजी मानी जाती है।
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