डकार को न समझें सामान्य: शरीर दे रहा है बीमारी के संकेत, च्युइंगम और जल्दबाजी में खाना हो सकता है खतरनाक

खाना खाने के बाद डकार आना आम बात मानी जाती है। घरों में अक्सर बड़े-बुजुर्ग इसे पेट भरने का संकेत बताते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार डकार का सीधा संबंध पेट में जमा अतिरिक्त हवा से होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डकार शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके जरिए पेट में मौजूद अतिरिक्त गैस मुंह के रास्ते बाहर निकलती है। हालांकि, कभी-कभी सामान्य रूप से आने वाली डकार चिंता की बात नहीं होती, लेकिन यदि यह बार-बार आने लगे, इसके साथ जलन, दर्द, बदबू या खट्टापन महसूस हो, तो यह पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक जब व्यक्ति खाना खाता या कोई पेय पदार्थ पीता है, तब भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में हवा भी शरीर के भीतर चली जाती है। यही हवा पेट और भोजन नली में दबाव बनाती है। शरीर इस अतिरिक्त हवा को बाहर निकालने के लिए डकार की प्रक्रिया अपनाता है। जल्दी-जल्दी खाना, खाते समय बातचीत करना, च्युइंगम चबाना, स्ट्रॉ से ड्रिंक पीना और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का अधिक सेवन डकार की संभावना को बढ़ा देता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि डकार का मतलब पेट भरना नहीं होता, बल्कि यह शरीर का प्राकृतिक गैस रिलीज सिस्टम है।
बार-बार डकार बन सकती है बीमारी का संकेत
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि डकार सामान्य से अधिक आने लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार डकार आना गैस, एसिडिटी, अपच, गैस्ट्राइटिस या एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है। कई बार पेट में बैक्टीरिया का असंतुलन, गलत खानपान या तनाव भी इसके पीछे की वजह बनता है। खासतौर पर खट्टी डकार एसिडिटी का संकेत मानी जाती है। बदबूदार डकार खराब पाचन या संक्रमण की तरफ इशारा कर सकती है। वहीं सड़े अंडे जैसी गंध वाली डकार फूड पॉइजनिंग या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से भी जुड़ी हो सकती है।
डकार के प्रकार बताते हैं शरीर की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार डकार का स्वाद, गंध और समय भी स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी देता है। खाना खाने के तुरंत बाद डकार आना ओवरईटिंग या तेजी से खाने की आदत का संकेत हो सकता है। खाली पेट डकार आना पेट में अधिक एसिड बनने या गैस्ट्राइटिस की ओर इशारा करता है। उल्टी जैसे स्वाद वाली डकार गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) से जुड़ी हो सकती है, जिसमें सीने में जलन भी महसूस होती है। वहीं तेज आवाज वाली डकार अधिक हवा निगलने या सॉफ्ट ड्रिंक्स के ज्यादा सेवन के कारण होती है।
एयरोफेजिया भी बढ़ाता है डकार की समस्या
मेडिकल एक्सपर्ट बताते हैं कि एयरोफेजिया नाम की स्थिति में व्यक्ति अनजाने में जरूरत से ज्यादा हवा निगल लेता है। यह समस्या जल्दी खाने, लगातार बोलते हुए खाने या च्युइंगम चबाने से बढ़ती है। पेट में जमा अतिरिक्त हवा को बाहर निकालने के लिए शरीर बार-बार डकार के जरिए प्रतिक्रिया देता है। हालांकि यह स्थिति सामान्य तौर पर खतरनाक नहीं होती, लेकिन लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी माना जाता है।
खानपान और लाइफस्टाइल सुधारने से मिल सकती है राहत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि डकार को नियंत्रित करने के लिए सबसे जरूरी है खाने की आदतों में सुधार। धीरे-धीरे खाना, भोजन के दौरान कम बोलना, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूरी बनाना और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना फायदेमंद हो सकता है। गुनगुना पानी पीना, हल्की वॉक करना और सौंफ या अजवाइन का सेवन गैस और अपच से राहत दिला सकता है। यदि डकार के साथ लगातार सीने में जलन, पेट दर्द या उल्टी जैसी समस्या हो रही हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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